इंडियन ऑयल ने चार्जिंग समय बचाने के लिए बैटरी बदलने की सुविधा शुरू की

हाइलाइट्स
सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने इलेक्ट्रिक वाहनों की तेज़ चार्जिंग के लिए बैटरी बदलने की सुविधा शुरू की है. ऐसी पहली बैटरी स्वैपिंग सुविधा जिसका नाम क्विक इंटरचेंज सर्विस (QIS) है, शुक्रवार को चंडीगढ़ के एक इंडियन ऑयल पंप में शुरू की गई. कंपनी के बैटरी स्वैपिंग मॉडल को शुरू में कमर्शयल सेग्मेंट, यानी इलेक्ट्रिक ऑटो, रिक्शा और इलेक्ट्रिक 2-व्हीलर्स जैसे वाहनों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. पूरे भारत के चुनिंदा शहरों में इसी तरह के 20 से 25 इंटरचेंज स्टेशन स्थापित किए जाएंगे.

बैटरी स्वैपिंग मॉडल को शुरू में कमर्शयल वाहनों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा
इंडियन ऑयल शुरु में यह सेवा नई दिल्ली, गुरुग्राम, बेंगलुरु, चंडीगढ़ और अमृतसर में अपने रिटेल आउटलेट्स पर देगी. कंपनी ने इस बैटरी स्वैपिंग मॉडल के माध्यम से इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए सन मोबिलिटी के साथ सहयोग किया है. इन स्टेशनों में 14 बैटरी, प्रीलोडेड कार्ड स्वाइप करने के लिए टच स्क्रीन और एक बिजली सब मीटर होगा. बैटरी स्वैपिंग तकनीक धीमी गति से चार्ज करने का सबसे अच्छा विकल्प है और ड्राइवरों को वाहन चलाने के लिए ज़्यादा समय देगी.
भारत के पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "हमें भारत में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रक वाहनों के इस्तोमाल को बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक का लाभ उठाना चाहिए और इसे बहुत सस्ता बनाना चाहिए." उन्होंने कहा कि भविष्य में ऑयल मार्केटिंग कंपनियां डीज़ल और पेट्रोल बेचने के लिए खुद को सीमित नहीं करेंगी, बल्कि सीएनजी, एलएनजी, पीएनजी बेचने के साथ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों के रूप में भी काम करेंगी. सरकार के अनुसार वह खाना पकाने के लिए उपयोग किए गए तेल से बने बायोडीज़ल और सौर ऊर्जा का गाड़ियां चलाने के लिए व्यापक उपयोग करेगी.