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कोरोनावायरस: ऑक्सीजन टैंकरों में जीपीएस सिस्टम लगाना हुआ ज़रूरी

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Oxygen Containers To Get Mandatory Vehicle Tracking Devices: MoRTH
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस इन टैंकरों की उचित निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे और इनके गंतव्य स्थान तक पहुंचने में कोई डायवर्जन या देरी नहीं होगी.

हाइलाइट्स

    सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने घोषणा की है कि ऑक्सीजन ले जाने वाले सभी कंटेनरों, टैंकरों और वाहनों को AIS140 के अनुसार वाहन स्थान ट्रैकिंग डिवाइस (VLT) उपकरणों के साथ फिट करने की आवश्यकता होगी. सरकार ने कहा है कि ऐसे उपकरण ऑक्सीजन टैंकरों की उचित निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, और इनके अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचने में कोई डायवर्जन या देरी नहीं होगी. यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब COVID-19 महामारी के मद्देनजर भारत में अस्पतालों में ऑक्सीजन की भारी कमी है.

    ऑक्सीजन की कमी देश भर में हो रही मौतों का एक बड़ा कारण है. महामारी की दूसरी लहर ने स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मुश्किल में डाल दिया है और स्वास्थ्य सेवा और फ्रंटलाइन श्रमिकों का समर्थन करने के लिए संसाधन कम पड़ रहे हैं. वर्तमान में, भारत हर दिन बीमारी के 300,000 से अधिक नए मामलों रोज़ सामने आ रहे हैं, जबकि देश में कुल मिलकार दो करोड़ से अधिक कोविड मामले आ चुके हैं.

    यह भी पढ़ें: महाराष्ट्र के ऑटो डीलरों ने 250 ऑक्सीजन टैंकरों में जीपीएस लगाने के लिए जुटाए ₹ 10 लाख

    सिर्फ पिछले दो हफ्तों में ही 50 लाख से अधिक संक्रमणों का पता चला है, जो आबादी पर इस दूसरी लहर के प्रभाव को दिखाता है. इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, कोरोनावायरस के कारण मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 2,22,408 हो गई है. पिछले हफ्ते ही MapMyIndia ने घोषणा की थी कि कंपनी तेज़ आवाजाही बनाए रखने के लिए पूरे भारत में सभी चिकित्सा बुनियादी ढाँचे वाले वाहनों पर मुफ्त जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाने की पेशकश कर रही है.

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