पुणे में बजाज के प्लांट में हुस्क्वर्ना स्वार्टपिलन 125 का उत्पादन शुरू हुआ

हाइलाइट्स
इस साल फरवरी में ही हुस्कवर्ना स्वार्टपिलन 125 ने अपनी वैश्विक शुरुआत की थी. सबसे सस्ती हुस्क्वर्ना मोटरसाइकिल मुख्य रूप से यूरोपीय बाजारों के लिए बनी है, लेकिन भारत में भी इसको लॉन्च किया जा सकता है. अब बजाज ने पुणे के चाकन में अपने प्लांट में हुस्क्वर्ना स्वार्टपिलन 250, विटपिलन 250 और हुस्क्वर्ना स्वार्टपिलन 401 और विटपिलीन 401 के साथ-साथ स्वार्टपिलन 125 को बनाना भी शुरू कर दिया है. फिल्हाल, यूरोपीय हुस्कर्ना वेबसाइट पर सिर्फ स्वार्टपिलन 125 ही डाली गई है, ना कि विटपिलन, जिसे बाद में पेश किया जा सकता है.

स्वार्टपिलन 125 केटीएम 125 ड्यूक की तुलना में कुछ सस्ती ज़रूर हो सकती है.
हुस्क्वर्ना स्वार्टपिलन 125 केटीएम 125 ड्यूक के साथ अपने इंजन और चेसिस साझा करती है, इसलिए इसे 125 सीसी, लिक्विड-कूल्ड, सिंगल-सिलेंडर इंजन मिलेगा जो 9,250 पीपीएम पर 14.3 बीएचपी और 8,000 आरपीएम पर 12 एनएम पीक टॉर्क बनाता है. हालांकि KTM के अलग, स्वार्टपिलन 125 में साइड में लगा एग्जॉस्ट दिया गया है. ब्रेक बाईब्रे के हैं, जो ब्रेमबो के भारतीय ब्रांड हैं. अगले पहिये पर 320 मिमी का डिस्क चार-पिस्टन कैलिपर के साथ दिया गया है. आगे 43 मिमी WP एपेक्स फोर्क हैं और 142 मिमी यात्रा के साथ प्रीलोड एडजस्टेबल WP एपेक्स रियर शॉक हैं.
यह भी पढ़ें: बजाज ने अप्रैल में मोटरसाइकिल बिक्री में हीरो को पीछे छोड़ा

स्वार्टपिलन 125 में स्वार्टपिलन 250 से उलट वायर-स्पोक पहिये मिलते हैं.
डिजाइन, और आयामों के मामले में, स्वार्टपिलन 125 भारत में बेचे जाने वाली स्वार्टपिलन 250 के समान है. अंतर यह है कि स्वार्टपिलन 125 में वायर-स्पोक पहिये मिलते हैं, और स्वार्टपिलन 250 में अलॉय व्हील्स लगे हैं. लेकिन दोनों मोटरसाइकिलों में डुअल-स्पोर्ट टायर लगे हैं. हुस्क्वर्ना 250, केटीएम 250 ड्यूक की तुलना में लगभग रु 20,000 सस्ती हैं, और 125 सीसी में ही ऐसा ही हो सकता है.