पेट्रोल या डीजल वाहन बैन करने का सरकार का कोई इरादा नहीं - नितिन गडकरी

हाइलाइट्स
भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं हाईवे मंत्री नितिन गडकरीने कहा कि पेट्रोल या डीजल वाहनों को देश में बैन करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है. गडकरी ने कहा कि ऐसी बात सुनने में आई है कि सरकार इंटरनल कंबस्टन इंजन को बंद कर देगी, लेकिन भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से सभी भली-भांति परितिच हैं कि वहां कितने लोगों को रोजगार मिलता है और निर्यात भी मिलता है. उन्हानें कहा कि एक्सपोर्ट के मामले में इंडस्ट्री ने हाई वॉल्यूम देखा है.
59वीं वार्षिक SIAM कन्वेंशन में बोलते हुए श्री नितिन गडकरी ने कहा कि, “भारत में पेट्रोल और डीजल वाहनों को बैन करने के लिए सरकार कोई कदम नहीं उठा रही. 4.50 लाख करोड़ का ऑटोमोबाइल सैक्टर बहुत सारा रोजगार देता है और साथ ही निर्यात में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. लेकिन सरकार कुछ परेशानियों से जूझ रही है. इनमें सबसे पहले निर्यात किए जाने वाले कच्चे तेल के बढ़ते दाम, दूसरा प्रदूशण और तीसरा रोड सेफ्टी है.”
ये भी पढ़ें : भारतीय ऑटो बाज़ार में गई और लोगों की नौकरी, टोयोटा और ह्यूंदैई ने घटाया उत्पादन
भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री 4.50 लाख करोड़ की है और इसमें आने वाली सभी कंपनियों को साफ इंधन की तरफ बढ़ना चाहिए क्योंकि प्रदूशण अब जानलेवा स्तर पर आ चुका है. बहरहाल, गडकरी ने आगे कहा कि प्रदूशण के लिए किसी एक तरह के वाहन को जिम्मेदार ठहराना गलत होगा, लेकिन ऐसे वाहन कुल प्रदूशण में बड़ हिस्सा जोड़ते हैं. दिल्ली में प्रदूशण की चर्चा पूरी दुनिया कर रही है और ये सभी लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है. सरकार ने दिल्ली के लिए 5,000 करोड़ का प्लान तैयार किया था जिसमें प्रदूशण फैलाने वाले मुख्य कारणों को स्पॉट करने को कहा गया था. शुक्र है इससे दिल्ली का प्रदूशण 29प्रतिशत तक कम हो गया है.