चंडीगढ़ में पेट्रोल दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन 31 मार्च तक रुका

हाइलाइट्स
चंडीगढ़ सरकार ने घोषणा की है कि वह शहर में 10 फरवरी से केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन की अनुमति देगी और पेट्रोल पर चलने वाले दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन को 31 मार्च तक रोक देगी. यह निर्णय प्रशासन की ईवी नीति को लागू करने के लिए किया गया है जो सितंबर में जारी की गई थी. नीति का उद्देश्य पर्यावरण को बचाने वाले वाहनों को बढ़ावा देने के लिए धीरे-धीरे सभी पेट्रोल वाहनों के इस्तेमाल को कम करना है.

नीती इस साल पेट्रोल दोपहिया वाहनों की संख्या में 10 फीसदी की कमी लाने में मदद करेगी.
सरकार ने अपने फैसले का समर्थन करने के लिए सितंबर 2022 के बाद खरीदे गए इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी की भी पेशकश की है. उसे उम्मीद है कि ये नीती इस साल पेट्रोल से चलने वाले दोपहिया वाहनों की संख्या में 10 फीसदी और चौपहिया वाहनों की संख्या में 35 फीसदी की कमी लाने में मदद करेगी.
राज्य के एक अधिकारी ने कहा, "चूंकि चालू वित्त वर्ष में गैर-इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन की लक्षित संख्या पहले ही हासिल कर ली गई है, इसलिए ईवी नीति के प्रावधानों को लागू करने के लिए पेट्रोल 2-पहिया वाहनों के रजिस्ट्रेशन को तुरंत बंद करने की आवश्यकता है."
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सरकार के सामने एक बाधा यह है कि चंडीगढ़ में सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़नी बाकी है. यह इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों के लिए कई तरह से चुनौतीपूर्ण है और अगर इस समस्या का समाधान हो जाए केवल तब ही ऐसे वाहने ग्राहकों को लुभाएंगे.