टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के 1,200 कर्मचारी धरने पर बैठे, कामकाज रुका

हाइलाइट्स
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने कर्नाटक के अपने बिदाड़ी प्लांट में कुछ दिन बदं रखने की घोषणा की है. ऐसा एसलिए कि कर्मचारी संघ के सदस्य एक कार्यकर्ता के निलंबन के विरोध में कर्मचारी 'सिट-इन स्ट्राइक' पर चले गए हैं. कंपनी ने इसे अवैध धरना बताया है,कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी और यूनियन के लगभग 1,200 सदस्य 9 नवंबर, 2020 से हड़ताल पर चले गए हैं. कंपनी ने अपने डीलरों और सप्लायर्स को भेजे इंटरनल सर्कुलर में कहा कि ये लोग यूनियन के एक पदाधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं. कंपनी का कहना है कि इस पदाधिकारी ने कंपनी के एक मैनेजर के साथ दुर्व्यवहार किया और उसे धमकी दी. कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह वर्कर अनुशासन के उल्लंघन के लिए कदाचारों का एक व्यवस्थित रिकॉर्ड रखती है जो कंपनी की नीतियों का उल्लंघन करता है.

कार निर्माता ने सर्कुलर में यह भी कहा की श्रमिकों ने हड़ताल के कारण एक खतरनाक स्थिति पैदा कर दी है, जो कर्मचारियों और मटीरियल की सुरक्षा के लिए खतरा है. इस प्रकार परिसर में अवैध धरने पर बैठने से अगली सूचना तक कंपनी को लॉकडाउन की घोषणा करने के लिए मजबूर कर दिया है. हमारे पूछने पर कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कंपनी की यूनियन अवैध धरने पर बैठी है और इसमें शामिल लोग गैरकानूनी तरीके से कंपनी परिसर में हड़ताल कर रहे हैं और कोविड-19 के दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं.
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टोयोटा किर्लोस्कर ने कहा कि मौजूदा हालात और कर्मचारियों की सुरक्षा के मद्देनजर कंपनी के पास अगले नोटिस तक लॉकडाउन घोषित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. संबंधित पक्षों के साथ बातचीत चल रही है और मामले को सुलझाने की कोशिशें जारी हैं. साथ ही यह भी कहा है कि टोयोटा किर्लोस्कर मोटर अपने कर्मचारियों सहित सभी हितधारकों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है. उसके मुताबिक COVID-19 महामारी के कारण मौजूदा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर संचालन को बनाए रखने और हमारे कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने के लिए कई प्रयास कर रहा है.
Last Updated on November 11, 2020