एमजी की भारत में पहली प्लग-इन हाइब्रिड कार 2026 में आएगी, एमडी अनुराग मेहरोत्रा ने की पुष्टि

हाइलाइट्स
- प्रीमियम सेगमेंट से शुरू करते हुए, न्यू इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आक्रामक बदलाव
- इस वर्ष 3-4 नए मॉडल लॉन्च किए जाएंगे, जिनमें प्लग-इन हाइब्रिड भी शामिल है
- स्थानीयकरण बढ़ाया जाएगा; समय के साथ स्थानीय स्तर पर बैटरी निर्माण शुरू होगा
भारत में बहुचर्चित और लंबे समय से पेंडिंग मैजेस्टर एसयूवी के लॉन्च से एक दिन पहले, कार एंड बाइक ने जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया के एमडी अनुराग मेहरोत्रा से मुलाकात की. एक खास बातचीत में, उन्होंने ब्रांड के बदलाव के बारे में बताया, जिसमें कंपनी 'इंटरनेट इनसाइड' टैग के साथ कनेक्टेड कार सेगमेंट में एक अग्रणी कंपनी से इलेक्ट्रिक कार सेग्मेंट में एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरी है. कंपनी द्वारा अपनी प्रमुख एसयूवी ग्लॉस्टर एसयूवी को बंद करने के बाद, मेहरोत्रा ने चीनी-ब्रिटिश ब्रांड के लिए इलेक्ट्रिक/हाइब्रिड कारों पर आधारित भविष्य की अपनी योजना साझा की.
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एमजी मोटर भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की एक विस्तृत श्रृंखला पेश करती है
कार एंड बाइक का सवाल: भारतीय बाजार के लिए एमजी का लॉन्ग टर्म में दृष्टिकोण क्या है, विशेष रूप से नई ऊर्जा वाहनों (एनईवी) के संबंध में?
अनुराग मेहरोत्रा का जवाब: हमारा विज़न स्पष्ट है: हम भारत में नई ऊर्जा वाहनों (एनईवी) के क्षेत्र में अग्रणी बनना चाहते हैं. हमारा अनुमान है कि हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक दोनों तरह के वाहन मिलाकर नई ऊर्जा वाहन 2030 तक कुल बाजार का 30% हिस्सा बनाएंगे. दिलचस्प बात यह है कि हम देख रहे हैं कि प्रीमियम कार सेगमेंट में ईवी की पैठ काफी अधिक है, क्योंकि ये खरीदार नई तकनीक को तेजी से अपनाते हैं.

बाजार में एमजी की विंडसर कार जबरदस्त सफल रही है
c&b का सवाल: आपने हाल ही में विंडसर को लॉन्च किया है और बताया है कि और भी मॉडल आने वाले हैं. इस साल हम आपके पोर्टफोलियो से क्या उम्मीद कर सकते हैं?
अनुराग मेहरोत्रा का जवाब: हमारी रणनीति के पहले चरण को प्रभावी होने के लिए बेहद क्रांतिकारी होना ज़रूरी था, और यह कारगर साबित हुआ - हमने चुनिंदा क्षेत्रों में अपने पिछले अनुमानों से दोगुनी बिक्री की. इस साल हम 3-4 नए मॉडल ला रहे हैं. एक प्रमुख आकर्षण होगा एक बहुमुखी प्लेटफॉर्म पर आधारित PHEV (प्लग-इन हाइब्रिड) का लॉन्च, जो हमारी भविष्य की सभी पावरट्रेन आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है.
c&b सवाल, क्या आपको लगता है कि आप हाइब्रिड वाहनों को एक मूल्यवान प्रस्ताव बनाने में सक्षम होंगे, क्योंकि यह एक ऐसी चीज है जिससे अधिकांश OEM जूझ रहे हैं?
अनुराग मेहरोत्रा का जवाब: हमें ऐसा ही लगता है. यह तकनीक सिद्ध हो चुकी है, इसका बड़ा उपयोग हो रहा है, यह परिपक्व हो चुकी है और आप देखेंगे कि भारत भी इसे अपनाएगा. हमारा अनुमान है कि 2030 तक उद्योग का आकार लगभग 55 लाख से 60 लाख होगा और इसका 30% हिस्सा नई ऊर्जा का होगा, जिसमें से आधा इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और आधा हाइब्रिड वाहन होंगे.

एमजी मोटर इंडिया द्वारा लॉन्च की गई नई कार मैजेस्टर है
c&b का सवाल: एक ऐसे सेगमेंट में जहां एक ही कंपनी का दबदबा है, वहां आने वाली मैजेस्टर के बारे में काफी चर्चा हो रही है. साथ ही ग्लॉस्टर ब्रांड नाम के भविष्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. ये दोनों बातें आपस में कैसे जुड़ी हैं?
अनुराग मेहरोत्रा का जवाब: हम अपने सेगमेंट में उपस्थिति को लेकर अधिक सतर्क हो रहे हैं ताकि हम ऐसी कारें पेश कर सकें जिनका कोई सीधा मुकाबला न हो. जहां ग्लॉस्टर का निर्माण बंद होने वाला है, वहीं हम मैजेस्टर को लॉन्च कर रहे हैं. यह अधिक फीचर्स से लैस है, ऑफ-रोड के लिए अधिक सक्षम है और सेगमेंट लीडर से बड़ी भी है. हमारा मानना है कि भारत में मास ब्रांड्स में यह हमारा सबसे लाभदायक मॉडल होगा, जिससे हमें डी+ लग्जरी एसयूवी सेगमेंट में मजबूत स्थिति मिलेगी.
c&b का सवाल: आप "मेक इन इंडिया" पहल और अपनी सप्लाई श्रृंखला के स्थानीयकरण के संबंध में किस प्रकार प्रगति कर रहे हैं?
अनुराग मेहरोत्रा का जवाब: स्थानीयकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. 2024 में लॉन्च होने के बाद से, हमने विंडसर में स्थानीयकरण के स्तर को तीन गुना बढ़ा दिया है, और यह गति हमारी पूरी रेंज में जारी रहेगी. हालांकि, मुख्य इलेक्ट्रिक स्रोत के संबंध में, सप्लाई चेन को रिफाइन करने के कारण इस वर्ष बैटरियों का कोई स्थानीय निर्माण नहीं होगा.

BaaS विकल्प वाली कॉमेट की एक्स-शोरूम कीमत रु.4.99 लाख से शुरू होती है
c&b: उपभोक्ताओं को बैटरी एज़-ए- सर्विस के रूप में (BAAS) देने का आपका अनुभव कैसा रहा है?
अनुराग मेहरोत्रा: बिक्री में इसकी हिस्सेदारी लगभग 10-12% है. मैं चाहता था कि यह और अधिक हो, लेकिन यह जागरूकता की प्रक्रिया है. इसे बेचना आसान नहीं है क्योंकि ग्राहक को दो भुगतान करने होते हैं और यह सदस्यता पर आधारित है और इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितना वाहन चलाते हैं. डीलरशिप टीम और ग्राहकों दोनों को इसके बारे में विस्तार से जानकारी देना आवश्यक है. दुनिया में कहीं भी किसी भी नई तकनीक के लिए एक निश्चित स्तर की जागरूकता की आवश्यकता होती है, हमें प्लग-इन हाइब्रिड के लिए भी ऐसा ही करना होगा.
c&b: कारों में फ्लश डोर हैंडल और फिजिकल बटन के कम इस्तेमाल के बारे में आपकी क्या राय है?
अनुराग मेहरोत्रा: बेशक, नियामक ढांचा तो है, लेकिन अंततः उपभोक्ता ही आपको प्रतिक्रिया देगा और फिर आपको बदलाव करना होगा. अगर और बटनों की ज़रूरत होगी, तो और बटन जोड़ दिए जाएंगे; अगर ग्राहक कहता है कि मुझे स्क्रीन पर और फ़ंक्शन चाहिए, तो ठीक है. ग्राहक की राय से बढ़कर कोई सत्य नहीं है.
हिन्दी अनुवाद: ऋषभ परमार













































