अर्बन क्रूज़र ईबेला रिव्यू: पहली टोयोटा ईवी का अनुभव

हाइलाइट्स
- दो बैटरी पैक – 49kWh और 61kWh
- मारुति ई विटारा पर आधारित
- एक चार्ज में 543 km तक की रेंज का दावा
टोयोटा की गाड़ियां पूरी दुनिया में मशहूर हैं.चाहे बात हाइब्रिड टेक्नोलॉजी की हो, पेट्रोल और डीजल जैसे आईसीई मॉडल्स की हो, फ्लेक्स फ्यूल की हो या फिर फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी की.लेकिन जब बात ऑल इलेक्ट्रिक गाड़ियों की आती है, तो टोयोटा का रुझान हमेशा से थोड़ा सीमित ही देखने को मिला है.
हालांकि अब टोयोटा के पोर्टफोलियो में एक ऑल इलेक्ट्रिक गाड़ी की एंट्री हो चुकी है, जो मारुति सुजुकी ई विटारा पर आधारित है और एक बिल्कुल अनोखे नाम के साथ बाजार में उतरी है.हमने बेंगलुरु की सड़कों पर टोयोटा अर्बन क्रूज़र ईबेला को ड्राइव किया और इसे करीब से समझने की कोशिश की.
डिजाइन
डिजाइन के मामले में इसका अगला हिस्सा मारुति सुजुकी ई विटारा से बिल्कुल अलग पहचान देता है.शानदार एलईडी डीआरएल, क्लोज्ड ग्रिल और बंपर पर पियानो ब्लैक फिनिश इसे एक आधुनिक और प्रीमियम लुक देते हैं.
इस वजह से इसकी रोड प्रेजेंस भी काफी मजबूत महसूस होती है.हालांकि साइड प्रोफाइल और पीछे से देखने पर यह गाड़ी काफी हद तक ई विटारा जैसी ही लगती है. 18 इंच के अलॉय व्हील्स भी वही डिजाइन याद दिलाते हैं, जो हमें मारुति की इलेक्ट्रिक एसयूवी में देखने को मिलते हैं.
कैबिन और फीचर्स
अगर स्टीयरिंग व्हील से टोयोटा का लोगो हटा दिया जाए, तो यह पहचान पाना मुश्किल हो जाएगा कि आप मारुति ई विटारा में बैठे हैं या टोयोटा ईबेला में.लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि इसका इंटीरियर कमजोर या कम आकर्षक है.
ड्यूल टोन कलर स्कीम के साथ केबिन प्रीमियम लगता है और साथ ही इसमें मॉडर्न टच भी देखने को मिलता है.टू स्पोक स्टीयरिंग व्हील हाथ में पकड़ने में अच्छा महसूस होता है.10 इंच का टचस्क्रीन डिस्प्ले क्वालिटी के मामले में अच्छा है, लेकिन रियर कैमरे की क्वालिटी इस सेगमेंट के हिसाब से थोड़ी साधारण लगती है.
ऑल डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर काफी इंफॉर्मेटिव है और ड्राइव से जुड़ी सारी जरूरी जानकारी साफ तरीके से दिखाता है.सेंटर कंसोल का डिजाइन थोड़ा अलग है, जो शायद आपने इससे पहले किसी और टोयोटा या मारुति की गाड़ी में नहीं देखा होगा. गियर सेलेक्टर का यूनिक अंदाज इसे और खास बनाता है.
फीचर्स के मामले में भी यह गाड़ी पूरी तरह लैस है.यहां वेंटिलेटेड सीट्स से लेकर लेवल टू एडास तक सब कुछ मिलता है.सीटें आरामदायक हैं, लेकिन अगर शिकायत की जाए तो रियर सीट पर हेडरूम और अंडर थाई सपोर्ट को और बेहतर बनाया जा सकता था. बूट स्पेस तीन सौ छह लीटर का दिया गया है, जो एक इलेक्ट्रिक कॉम्पैक्ट एसयूवी के हिसाब से बहुत ज्यादा बड़ा नहीं कहा जा सकता.
ड्राइविंग
पावर डिलीवरी बेहद स्मूद है.यह बहुत ही लीनियर तरीके से पावर देती है और अचानक झटका देने वाली इलेक्ट्रिक कार जैसा फील नहीं कराती.ड्राइव करते समय ऐसा महसूस नहीं होता कि इसमें 170 हॉर्सपावर की ताकत मौजूद है.लेकिन यकीन मानिए, यह गाड़ी आपको कभी बोर नहीं करेगी.
193 न्यूटन मीटर के टॉर्क के साथ यह 10 सेकंड से कम समय में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है.यहीं यह साफ कर देती है कि भले ही कागजों पर यह बहुत तेज न लगे, लेकिन असल दुनिया में इसकी परफॉर्मेंस पूरी तरह संतोषजनक है.राइड क्वालिटी थोड़ी सख्त महसूस होती है, जैसे इसे यूरोपियन सड़कों को ध्यान में रखकर ट्यून किया गया हो.यह असहज नहीं है, लेकिन कुछ दूसरी इलेक्ट्रिक गाड़ियों जितनी आरामदायक भी नहीं लगती.
खराब सड़कों पर चलते समय हल्की परेशानी और अस्थिरता महसूस होती है. इसमें तीन रीजेनरेशन सेटिंग्स दी गई हैं, लेकिन हर बार रीजेन लेवल बदलने के लिए गाड़ी को पहले पार्क करना पड़ता है. यह थोड़ा असुविधाजनक लगता है. ड्राइव मोड्स भी मिलते हैं, लेकिन इको और नॉर्मल मोड के बीच कोई खास अंतर महसूस नहीं होता. स्पोर्ट मोड में थ्रॉटल रिस्पॉन्स तेज हो जाता है, हालांकि कुछ मौकों पर यह थोड़ा अजीब भी लग सकता है.
रेंज 
टोयोटा अर्बन क्रूज़र ईबेला की दावा की गई ARAI रेंज 533 किलोमीटर है.हालांकि 61 किलोवाट के बड़े बैटरी पैक के साथ, रियल वर्ल्ड कंडीशंस में यह गाड़ी लगभग 420 से 440 किलोमीटर की रेंज देने में सक्षम हो सकती है.
निर्णय
टोयोटा की पहली ऑल इलेक्ट्रिक एसयूवी के रूप में अर्बन क्रूज़र ईबेला एक संतुलित और अच्छी तरह इंजीनियर किया गया प्रोडक्ट लगती है.लेकिन अगर इसे सही मायनों में बाजार में अपनी पहचान बनानी है, तो इसकी कीमत सबसे अहम भूमिका निभाएगी.इसके लिए फिलहाल हमें थोड़ा इंतजार करना होगा.













































