नए टू-व्हीलर की खरीद पर डीलरशिप से ग्राहकों को अनिवार्य तौर पर मिलेंगे BIS सर्टिफाइड 2 हेलमेट

हाइलाइट्स
- 1 जनवरी 2026 से बिकने वाले सभी दोपहिया वाहनों के साथ BIS सर्टिफाइड हेलमेट हुए अनिवार्य
- दोपहिया वाहनों से सवारी के वक्त जाने वाली जानों को मद्देनज़र रखते हुए सुरक्षा बढ़ाने के लिए फैसला
- इसके साथ ही एबीएस (एंटी ब्रेकिंग लॉकिंग सिस्टम) को भी किया गया अनिवार्य
1 जनवरी 2026 से भारत में बेचे जाने वाले प्रत्येक नए दोपहिया वाहन, चाहे वह किसी भी इंजन साइज और कैटेगरी का हो, में एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) और BIS-प्रमाणित दो हेलमेट अनिवार्य रूप से लागू हो गए हैं. सरकार द्वारा मोटरसाइकिल और स्कूटर से जुड़े सड़क हादसों में बढ़ती मौतों को रोकने के प्रयासों में एक बड़ा कदम उठाते हुए, दोपहिया डीलर्स को सवार के लिए एक हेलमेट और पीछे बैठने वाले के लिए दूसरा हेलमेट किसी भी नये टू-व्हीलर को बेचने के दौरान ग्राहकों को उपलब्ध कराना होगा.
यह भी पढ़ें: केटीएम RC 160 बनाम यामाहा R15: इंजन, फीचर्स और कीमत की तुलना
केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 का नियम 138 कहता है कि "दोपहिया वाहन बेचते समय निर्माताओं को भारतीय मानक ब्यूरो के विनिर्देशों के अनुरूप सुरक्षात्मक हेडगियर की आपूर्ति करनी होगी."
इस बात का समर्थन करते हुए हेलमेट एसोसिएशन के अध्यक्ष और स्टील बर्ड हेलमेट के एमडी राजीव कपूर ने कहा, “प्रत्येक दोपहिया वाहन खरीदार को दो हेलमेट (एक सवार के लिए और एक पीछे बैठने वाले के लिए) उपलब्ध कराने का निर्देश एक अत्यंत आवश्यक पहल है. यह कदम न केवल हेलमेट पहनने के महत्व को दिखाता है, बल्कि सड़क सुरक्षा नियमों में मौजूद एक महत्वपूर्ण कमी को भी दूर करता है. हम इस आदेश का तहे दिल से समर्थन करते हैं और हेलमेट के जीवन रक्षक लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”
एक सरकारी आंकडों के अनुसार, 2022 से पता चलता है कि दोपहिया वाहनों से जुड़ी 63,115 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 25,228 लोगों की मौत हुई. 2021 में ऐसी 52,416 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 22,786 लोगों की जान गई. ये आंकड़े हेलमेट के उपयोग जैसे सुरक्षा उपायों को और सख्ती से लागू करने की आवश्यकता को दर्शाते हैं.
“यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि अब प्रत्येक राइडर और पीछे बैठने वाले यात्री को असली ISI-प्रमाणित हेलमेट मिले. डीलर अक्सर नकली हेलमेट बेचते हैं जिनकी कीमत रु.130 से कम होती है, लेकिन उन पर धोखे से रु.1000 का कीमत लिखी होती है. ग्राहकों को यह विश्वास दिलाया जाता है कि ये असली ISI-प्रमाणित हेलमेट हैं, जो जान बचाने के बजाय उन्हें खतरे में डाल देते हैं. इस नियम के साथ, सभी हेलमेट BIS-प्रमाणित होने चाहिए, और जब इन्हें सीधे OEM (मूल उपकरण निर्माता) द्वारा आपूर्ति किया जाएगा, तो ये प्रामाणिक होंगे और राइडर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे,” उन्होंने आगे कहा.






































































