महिंद्रा XUV 7XO बनाम टाटा सफारी बनाम ह्यून्दे अल्कज़ार: कौन सी 3-सीट वाली SUV आपके परिवार के लिए रहेगी सही?

हाइलाइट्स
- XUV 7XO को 2026 की शुरुआत में एक बड़ा अपडेट मिला
- टाटा ने हाल ही में सफारी को पेट्रोल इंजन के साथ पेश करना शुरू किया है
- अल्कज़ार का एक आजमाया हुआ और परखा हुआ मॉडल रहा है
बड़ी भारतीय फैमिली के पास हमेशा एक मुश्किल फैसला होता है. वो कौन सी परफेक्ट 3-रो वाली कार है जो घर में सभी को इंप्रेस कर सके? ऐसी कई SUVs और MPVs हैं जो आपका ध्यान खींचने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन जिन तीन नामों पर हम यहाँ चर्चा कर रहे हैं, उनके बारे में शायद सबसे ज्यादा बात होती है. एक्सयूवी 7XO, टाटा सफारी और ह्यून्दे अल्कज़ार, ये सभी काबिल दावेदार हैं और इनके अपने-अपने फायदे और नुकसान हैं. चलिए देखते हैं कि इनमें से कौन सबसे ज्यादा बॉक्स टिक करता है.
यह भी पढ़ें: लॉन्च से पहले टाटा सिएरा ईवी QWD की हुई पुष्टि
डिज़ाइन और आकार

ऐसे सेगमेंट में, आकार मायने रखता है और ये सब 3 SUVs में काफी अच्छी तरह संतुलित है. जहाँ XUV सबसे लंबी है (4695 मिमी), वहीं सफारी सबसे ऊँची (1795 मिमी) और सबसे चौड़ी (1922 मिमी) है. सभी पहलुओं में सबसे छोटी होने के बावजूद, अल्कज़ार का व्हीलबेस सबसे लंबा (2760) है, इसलिए ये देखना दिलचस्प होगा कि स्पेस के मामले में इनमें से कौन सी एसयूवी कैबिन का सबसे अच्छा अनुभव देगी. हम इस पर थोड़ी देर में आएंगे.

ग्राउंड क्लीयरेंस की बात करें तो इन कारों में ज्यादा फर्क नहीं है. जबकि 7XO और अल्कज़ार दोनों की क्लीयरेंस 200 मिमी पर खत्म होती है, सफारी थोड़ी बेहतर है, 205 मिमी के साथ आती है. इसका मतलब है कि कागज पर कम से कम यह कुछ असमान सतहों को संभालने के लिए बेहतर तैयार है. वहीं, लंबा व्हीलबेस होने की वजह से अल्कज़ार का रैंप ओवर एंगल इतना अच्छा नहीं है और यह शहरी भीड़-भाड़ के लिए ज्यादा उपयुक्त है. टाटा और महिंद्रा की टॉप वैरिएंट्स में 19-इंच के व्हील आते हैं, जबकि ह्यून्दे के टॉप सिग्नेचर ट्रिम में 18-इंच के व्हील मिलते हैं. टायर की चौड़ाई भी सफारी और XUV 7XO की तुलना में कम है.
कैबिन और फीचर्स

अगर आकार मायने रखता है, तो कैबिन और इन कारों के फीचर्स भी मायने रखते हैं. सभी में भर-भर के फीचर्स मिलते हैं, खासकर उनके सबसे महंगे वैरिएंट्स में. सफारी को सबसे बड़ी 12.3 इंच की टचस्क्रीन मिलती है, जबकि बाकी दो 10.25 इंच की स्क्रीन के साथ काम चला लेते हैं. लेकिन 7XO को फ्रंट पैसेंजर के लिए अलग स्क्रीन भी मिलती है, जो प्रीमियम स्तर को नया मुकाम देती है. 12-स्पीकर वाला Sony 3D साउंड सिस्टम उच्च गुणवत्ता का है. सफारी का 10-स्पीकर JBL साउंड सिस्टम, जिसमें कस्टमाइज्ड एकॉस्टिक मोड हैं, भी निराश नहीं करता, जबकि 8-स्पीकर बोस साउंड सिस्टम कई ह्यून्दे कारों में अपने आपको बेहतर साबित कर चुका है.

वायरलेस चार्जर, इलेक्ट्रिक और वेंटिलेड सीट्स और पैनोरमिक सनरूफ जैसे फीचर्स सभी कारों में आम हैं. लेकिन जब दूसरी रो के अनुभव की बात आती है, तो सफारी को हराना मुश्किल है क्योंकि इसमें वेंटिलेशन के साथ कैप्टन सीटों का विकल्प और बॉस मोड मिलता है. अल्काजर में भी कैप्टन सीटें, फोल्डिंग टेबल्स और पीछे वायरलेस चार्जर मिलता है. XUV7XO में दूसरी रो में सिर्फ बेंच सीटें मिलती हैं और आप उन्हें स्लाइड भी नहीं कर सकते.

तीसरी रो की जगह इस सेगमेंट में बहुत महत्वपूर्ण है और फिर से ऐसा लगता है कि सफारी सबसे ज्यादा स्पेस वाली है, उसके बाद XUV और सबसे आखिर में अल्कज़ार. ह्यून्दे का व्हीलबेस सबसे लंबा हो सकता है लेकिन इसकी कुल लंबाई सबसे कम है, जिससे तीसरी रो की जगह अन्य कारों की तुलना में कम है. लेकिन वन टच टम्बल डाउन सीट्स के साथ, तीसरी रो तक पहुंच यहां सबसे आसान है. सफारी यहां सबसे अच्छा अनुभव देती है जबकि XUV में भी जगह ठीक है, सिवाय हेडरूम के.

साथ ही बूट स्पेस भी बहुत महत्वपूर्ण है. जब तीनों रो इस्तेमाल हो रही हों, तो XUV 240 लीटर स्पेस उपलब्ध कराकर स्पष्ट रूप से आगे है. अल्कज़ार भी ठीक-ठाक है, इसके पास 180 लीटर है, जबकि सफारीi इस मामले में सबसे कम जगह देती है. लेकिन जब आखिरी रो को फोल्ड किया जाता है, तो सफारी सबसे अच्छी स्पेस देती है और अल्कज़ार सबसे कम. 7XO में इलेक्ट्रिक टेलगेट नहीं है, जो बाकी दोनों SUVs में है, हालांकि सिर्फ सफारी में आपको गेट खोलने के लिए जेस्चर कंट्रोल भी मिलेगा.
इंजन और प्रदर्शन

तीनों SUVs की अच्छी बात यह है कि सभी तीनों पेट्रोल और डीज़ल इंजन विकल्पों के साथ आती हैं और मैनुअल और ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दोनों चुनने के लिए उपलब्ध हैं. XUV में 2.2 L डीज़ल इंजन 182 bhp और 450 Nm का टॉर्त बनाता है, जो सफारी के 2.0 L डीज़ल इंजन (168 bhp और 350 Nm) से ज्यादा है. अल्कज़ार की 1.5 यूनिट 114 bhp और 250 Nm टॉर्क पैदा करती है. तो अगर आप पावर और डिस्प्लेसमेंट की तलाश में हैं, तो XUV सबसे बड़े नंबर के साथ आगे है. यह अकेली SUV है जिसमें सबसे महंगे डीज़ल ऑटोमैटिक के साथ AWD वेरिएंट भी मिलता है.

पेट्रोल की बात करें तो महिंद्रा की 2.0 L का इंजन 200 bhp और 380 Nm टॉर्क पैदा करता है. फिर से कहें, यह डिस्टेन्स में सबसे बड़ी है क्योंकि सफारी और अल्कज़ार दोनों में 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन मिलता है. सफारी में यह यूनिट 168 bhp और 250 Nm टॉर्क बनाती है जबकि अल्कज़ार में यह टर्बो इंजन 158 bhp और 253 Nm टॉर्क पैदा करती है. अल्कज़ार पेट्रोल 6 MT और 7 DCT के साथ आता है जबकि डीज़ल में 6 स्पीड मैन्युअल और टॉर्क कन्वर्टर मिलता है. दूसरी तरफ, सफारी और XUV दोनों में इंजन के साथ 6-स्पीड मैन्युअल और 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर मिलता है.

अगर आप ड्राइव के साथ-साथ टेरेन मोड भी चाहते हैं तो ये सभी SUV में उपलब्ध हैं. तो आप जिस तरह की प्रतिक्रिया चाहते हैं या जिस सतह पर ड्राइव कर रहे हैं उसके अनुसार मोड का मनचाहा कॉम्बिनेशन चुना जा सकता है. हमारी ड्राइव के दौरान हमने पाया कि टाटा सफारी के टेरेन मोड सबसे प्रभावी हैं, जबकि ड्राइव मोड में सबसे ज्यादा फर्क XUV 7XO में महसूस हुआ. पैडल शिफ्ट्स अल्काज़र और सफारी में उपलब्ध हैं जबकि XUV में ये नहीं हैं.
राइड और हैंडलिंग

इस मुकाबले में कोई भी कार सभी बॉक्सों को टिक नहीं करती जैसा कि हमने हैंडलिंग टेस्ट के दौरान महसूस किया. हाई स्पीड पर भी ह्यून्दे अल्कज़ार के कॉर्नर्स में जाते समय आत्मविश्वास बेमिसाल है. इसकी थोड़ी कॉम्पैक्ट डिमेंशन्स भी मदद करती हैं और सीधी सड़कों पर भी SUV जो स्टेबिलिटी देती है वह काफी इम्प्रेसिव है. इसमें बॉडी रोल सबसे कम है जो तब स्पष्ट होता है जब ये कारें बैक टू बैक चलाई जाती हैं. XUV सीधे मार्ग की स्टेबिलिटी में अल्कज़ार से मेल खाता है और अपने नए अवतार में स्पष्ट रूप से बेहतर हुआ है. सफारी कॉर्नर्स लेते समय विशेष रूप से बेहतर कर सकती है.

सबसे आरामदायक सवारी की तलाश में हैं? खैर, इस मामले में XUV सफारी और अल्कज़ार दोनों से बेहतर साबित होती है. फेसलिफ्ट में DAVINCI सिस्टम आया है जिसमें एडैप्टिव डैम्पर्स हैं. इससे SUV चाहे किसी भी सतह पर चल रही हो, आरामदायक सवारी देती है. वहीं, अल्कज़ार में रोड-बायस्ड सेटअप है जो हाइवे और शहर में स्मूथ राइड देता है, लेकिन खराब सड़कों पर यह उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाता. सफारी बिलकुल इसके विपरीत है — इसे खुरदरे रास्तों के लिए बनाया गया है और इसके बड़े 19 इंच के पहिये टार्मैक पर संतोषजनक राइड देते हैं.
सुरक्षा

तीनों कारों में स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स लगे हुए हैं. सभी में लेवल 2 ADAS फंक्शन हैं और तीनों में इसे ट्राय करने के बाद हमें लगा कि सफारी का सिस्टम दूसरों की तुलना में थोड़ा अधिक इंटरफेर करने वाला है. यह परिस्थितियों के अनुसार आपके लिए फायदेमंद भी हो सकता है और नहीं भी, लेकिन एक बात स्पष्ट है - अगर आप अभी तक ADAS वाली कार का इस्तेमाल नहीं किए हैं तो सफारी के लिए एडजस्ट होने में सबसे ज्यादा समय लगेगा. जहाँ तीनों में 6 एयरबैग्स स्टैंडर्ड हैं, वहीं सबसे महंगे वेरिएंट्स में सफारी और 7XO दोनों में ड्राइवर के लिए एक अतिरिक्त घुटने का एयरबैग भी मिलता है. दोनों को BNCAP से 5-स्टार क्रैश टेस्ट रेटिंग भी मिली है, जबकि अल्कज़ार का टेस्ट अभी तक नहीं हुआ है.
कीमत

हालांकि यह सेगमेंट बहुत कीमत-संवेदनशील नहीं है, लेकिन खरीदार अपने पैसे के लिए अधिकतम मूल्य की सराहना करते हैं. ₹13.29 लाख में, सफारी की शुरूआती कीमत सबसे कम है, जबकि एक्सयूवी ₹13.66 लाख पर अगले स्थान पर है. अलकाजर सबसे महंगी है और इसकी शुरूआत ₹14.51 लाख है. सबसे महंगे वैरिएंट पर इसकी कीमत ₹21.10 लाख है जबकि एक्सयूवी आपको ₹24.92 लाख में पड़ेगी. टाटा सफारी सबसे महंगी है, ₹25.96 लाख में, सभी कीमतें एक्स-शोरूम हैं.
निर्णय

जैसा कि हमने पहले कहा, इन में से किसी भी कार का दूसरे पर स्पष्ट बढ़त नहीं है. अगर आपको नज़ाकत चाहिए तो अल्कज़ार चुनें, जबकि 7XO में डिज़ाइन और कैबिन क्वालिटी दोनों में एक अधिक रिफाइनमेंट है. सफारी थोड़ी ज्यादा खुरदरी लगती है और भारतीय सड़क की परिस्थितियों में आने वाली कई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है. और जबकि इनमें से हर एक के अपने फायदे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा परिवार के सदस्यों की ज़रूरतों को पूरा करने वाली कार एक्सयूवी 7XO है. सफारी और अल्कज़ार अधिक व्यक्तिगत उपयोग के लिए उपयुक्त हैं और चूंकि हम 2026 में परिवार की कारों की बात कर रहे हैं, इसलिए फेसलिफ्ट वाला मॉडल यहां चुनना बेहतर है.













































