carandbike logo

कंज्यूमर कोर्ट ने मारुति सुज़ुकी को E20 से जुड़े नुकसान के कारण ग्रांड विटारा बदलने का दिया आदेश, कंपनी ने अपनाया उच्च अदालत का रुख

clock-icon

1 मिनट पढ़े

हमें फॉलो करें

google-news-icon
Consumer Court Orders Maruti Suzuki To Replace Grand Vitara Over E20-Related Damages; Carmaker To Escalate Matters In Higher Court
शिकायतकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें बताया गया था कि फ्यूल टैंक में बार-बार गंदगी जमा होने के कारण गाड़ी में कई बार तकनीकी खराबी आई.
author

द्वारा ऋषभ परमार

Calendar-icon

प्रकाशित जुलाई 17, 2026

हाइलाइट्स

  • शिकायतकर्ता ने कई बार सर्विस सेंटर जाने के बावजूद गाड़ी के बार-बार बंद होने की समस्या बताई
  • कोर्ट ने मारुति सुज़ुकी को गाड़ी बदलने या रु.20.50 लाख का मुआवज़ा देने का आदेश दिया
  • मारुति सुज़ुकी इस मामले को ऊपरी अदालत में ले जाएगी

सभी पेट्रोल कारों में E20 फ़्यूल के इस्तेमाल से जुड़े मामले में एक नई मिसाल कायम करते हुए, छत्तीसगढ़ की कंज्यूमर कोर्ट ने मारुति सुज़ुकी को निर्देश दिया है कि वह एक शिकायतकर्ता की 'ग्रांड विटारा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड' कार को बदल दे. यह आदेश इसलिए दिया गया क्योंकि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद गंदगी (कंटैमिनेशन) की वजह से हुई खराबी को कंपनी ठीक से ठीक नहीं कर पाई थी. हाल के महीनों में 20% इथेनॉल-ब्लेंडेड फ़्यूल, यानी E20 फ़्यूल, चर्चा का विषय रहा है. वाहन मालिक माइलेज कम होने और गाड़ियों के खराब होने की शिकायतें कर रहे हैं, साथ ही देश भर के पेट्रोल पंपों पर कम इथेनॉल-ब्लेंड वाला पेट्रोल उपलब्ध कराने की मांग भी बढ़ रही है.

 

यह भी पढ़ें: कैसे पता करें कि आपका मौजूदा वाहन E10, E20 या E85 ब्लेंडेड पेट्रोल डालने योग्य है या नहीं

 

सरकार और कार बनाने वाली कंपनियों ने मुख्य रूप से इन दावों को खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि यह ईंधन सभी गाड़ियों में इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है और इससे माइलेज में बस थोड़ी सी कमी आ सकती है. इस नए फैसले से मारुति सुजुकी और भारत की दूसरी कार बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ कई पक्षों की ओर से शिकायतें दर्ज कराने का रास्ता खुल सकता है.

 

शिकायत

शिकायतकर्ता डॉ. प्रेमराज देवता ने बताया कि E20 पेट्रोल पर चलने के दौरान उनकी गाड़ी कई बार खराब हुई या उसकी परफॉर्मेंस खराब रही; पहली बार ऐसी दिक्कत गाड़ी की डिलीवरी लेने के छह महीने के अंदर ही हुई थी. डॉ. देवता ने साल 2024 में 2023 में बनी मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा ज़ेटा+ स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड खरीदी थी.

E20 pump

गाड़ी को सर्विस सेंटर भेजा गया, जहाँ पहली बार पता चला कि फ़्यूल टैंक में मौजूद फ़्यूल खराब (contaminated) था; यही समस्या दूसरी बार भी हुई. बाद में फ़्यूल की जाँच करने पर उसमें इथेनॉल पाया गया.

 

शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि तमाम कोशिशों के बावजूद गाड़ी बार-बार बंद होती रही.

 

काउंटर आर्ग्यूमेंट

मारुति सुज़ुकी और उसके डीलर पार्टनर नेक्सा मैग्नाटो (जहाँ से गाड़ी खरीदी गई थी) ने जवाब दिया कि गाड़ी में जो दिक्कतें थीं, वे फ्यूल में मिलावट की वजह से थीं - जो कि एक बाहरी कारण है. उन्होंने यह भी तर्क दिया कि गाड़ी में कोई खराबी नहीं थी और फ्यूल में मिलावट से जुड़ी दिक्कतें वारंटी के दायरे में नहीं आती हैं.

 

द कोर्ट रूलिंग

कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा कि मामूली मरम्मत इस समस्या का सही समाधान नहीं है. साथ ही, कोर्ट ने यह भी गौर किया कि जनवरी 2023 में बनी यह गाड़ी E20 नियमों के मुताबिक नहीं थी. गाड़ी के पावरट्रेन में बार-बार आ रही दिक्कतों की वजह यही बताई गई.

 

E10 E20 Fuel Cap Shot

कोर्ट ने यह भी कहा कि खराब ईंधन का दोष मढ़ना और गाड़ी को E20-कम्प्लायंट मॉडल से न बदलना, गलत व्यापारिक तरीके थे. कोर्ट ने आदेश दिया कि मारुति सुजुकी और उसके डीलर पार्टनर को या तो शिकायतकर्ता की ग्रांड विटारा को नई E20-कम्प्लायंट गाड़ी से बदलना होगा या फिर उन्हें मुआवज़े के तौर पर 20.50 लाख रुपये से कुछ ज़्यादा रकम देनी होगी. मुआवज़े की इस रकम में गाड़ी की एक्स-शोरूम कीमत, RTO चार्ज और इंश्योरेंस प्रीमियम की रकम शामिल होगी. इसके अलावा, मारुति सुजुकी को मानसिक परेशानी के लिए रु.1 लाख रुपये और कानूनी कार्यवाही के खर्च के तौर पर रु.10,000 का मुआवज़ा देने का भी आदेश दिया गया.

 

क्या मामला खत्म हो गया? अभी नहीं!

हालांकि कंज्यूमर कोर्ट में यह मामला खत्म हो गया है, लेकिन ऐसा लगता है कि यह अभी पूरी तरह सुलझा नहीं है. मारुति सुजुकी ने एक बयान में कहा कि जिस गाड़ी की बात हो रही है, वह E20 कम्पैटिबल थी और उस फ्यूल को इस्तेमाल करने के लिए पूरी तरह तैयार थी. कंपनी ने यह भी कहा कि कंज्यूमर कोर्ट के आदेश में कई दूसरी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया. अब कंपनी इस मामले को ऊपरी अदालत में ले जाने पर विचार कर रही है.

 

With inputs from LiveLaw & Reuters

Stay updated with automotive news and reviews right at your fingertips through carandbike.com's WhatsApp Channel.

अपकमिंग मॉडल