नई मारुति सुज़ुकी स्विफ्ट बनाम ह्यून्दे i20: तीन साल बाद किस हैचबैक की रीसेल वैल्यू रहेगी सबसे बेहतर?

मारुति सुज़ुकी स्विफ्ट और ह्यून्दे i20 भारत की सबसे लोकप्रिय हैचबैक कारों में से हैं, लेकिन अगर रीसेल वैल्यू (दोबारा बेचने पर मिलने वाली कीमत) मायने रखती है, तो कौन सी कार बेहतर है? आइए देखते हैं कि तीन साल इस्तेमाल के बाद पुरानी कारों के बाज़ार में दोनों मॉडल कैसे परफॉर्म करते हैं.
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द्वारा ऋषभ परमार

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प्रकाशित अगस्त 7, 2026

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Story

हाइलाइट्स

  • मारुति का बड़ा सर्विस नेटवर्क रीसेल वैल्यू में मदद करता है
  • i20 के ऊंचे ट्रिम्स की रीसेल वैल्यू आमतौर पर बेहतर बनी रहती है
  • कम रनिंग और मेंटेनेंस कॉस्ट की वजह से स्विफ्ट का पलड़ा भारी रहता है

कार खरीदना सिर्फ़ उसकी कीमत देखने तक सीमित नहीं है. कई भारतीय खरीदारों के लिए रीसेल वैल्यू (दोबारा बेचने पर मिलने वाली कीमत) भी उतनी ही अहम होती है, खासकर तब जब कुछ सालों बाद कार अपग्रेड करने का प्लान हो।. यहीं पर पुरानी कारों के बाज़ार में ज़्यादा डिमांड वाले मॉडल खास तौर पर आगे रहते हैं.

 

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मारुति सुज़ुकी स्विफ्ट और ह्यून्दे i20 लंबे समय से देश की सबसे लोकप्रिय हैचबैक कारों में से रही हैं, लेकिन ये अलग-अलग तरह के खरीदारों को पसंद आती हैं. स्विफ्ट ने अपनी पहचान किफायती दाम, बेहतर माइलेज और कम रनिंग कॉस्ट के दम पर बनाई है, जबकि i20 ने ज़्यादा प्रीमियम और ज़्यादा फ़ीचर्स वाली कार के तौर पर अपनी अलग जगह बनाई है. तो, अगर आपके लिए रीसेल वैल्यू (दोबारा बेचने पर मिलने वाली कीमत) बहुत ज़रूरी है, तो इनमें से कौन सी कार बेहतर रहेगी?

 

मारुति सुज़ुकी स्विफ़्ट: सुरक्षित विकल्प

Maruti Suzuki Swift 12

सेकंड-हैंड मार्केट में स्विफ्ट की हमेशा से ज़बरदस्त मांग रही है और इसके लेटेस्ट-जेनरेशन मॉडल के मामले में भी ऐसा ही रहने की उम्मीद है. इसकी एक बड़ी वजह मारुति सुज़ुकी का बड़ा सर्विस नेटवर्क, कम मेंटेनेंस कॉस्ट और पुरानी स्विफ्ट खरीदने के इच्छुक खरीदारों की बड़ी संख्या है.

 

चाहे कोई पहली बार कार खरीदने वाला हो, छोटा परिवार हो या कोई शहर में चलाने के लिए भरोसेमंद कार ढूंढ रहा हो, स्विफ्ट कई मामलों में खरी उतरती है. इसकी इसी लोकप्रियता की वजह से इसकी रीसेल वैल्यू अच्छी बनी रहती है, खासकर उन कारों की जो अच्छी तरह से मेंटेन की गई हों और जिनका माइलेज ठीक-ठाक हो.

Maruti Suzuki Swift CNG m 34

सीएनजी वैरिएंट्स की उपलब्धता इसकी लोकप्रियता को और बढ़ाती है, खासकर उन बाज़ारों में जहाँ गाड़ी चलाने का खर्च एक अहम बात होती है.

 

ह्यून्दे i20: प्रीमियम अपील की एक कीमत है

Hyundai i20 facelift

फीचर्स और कैबिन के अनुभव के मामले में i20, स्विफ्ट से एक कदम आगे है. इसमें बड़ी इंफोटेनमेंट स्क्रीन, सनरूफ, प्रीमियम कैबिन और ज़्यादा शानदार एहसास जैसी चीज़ें मिलती हैं.

 

प्रीमियम पोजीशनिंग से खरीदारों को आकर्षित करने में मदद तो मिलती है, लेकिन इसका मतलब यह भी है कि डेप्रिसिएशन (मूल्य में गिरावट) थोड़ी ज़्यादा होती है. शुरुआती खरीद कीमत ही ज़्यादा होती है, और इस सेगमेंट में पुरानी कार खरीदने वाले अक्सर कीमत और वैल्यू को लेकर ज़्यादा जागरूक होते हैं.

Hyundai i20 interior

इसका मतलब यह नहीं है कि i20 को रीसेल मार्केट में मुश्किल होती है. बल्कि, ऐसा बिल्कुल नहीं है. ह्यून्दे ने पिछले कुछ सालों में अपनी मज़बूत पहचान बनाई है और i20 देश की सबसे ज़्यादा पसंद की जाने वाली प्रीमियम हैचबैक में से एक बनी हुई है. इसके ऊंचे ट्रिम्स, खासकर वे जिनमें ज़्यादा फ़ीचर्स हैं, उनकी पुरानी गाड़ियों के बाज़ार में आम तौर पर ज़्यादा मांग रहती है.

 

आमतौर पर स्विफ़्ट को बढ़त क्यों मिलती है?

Maruti Suzuki Swift 46

रीसेल वैल्यू सिर्फ़ एक बात से तय नहीं होती. सर्विस का खर्च, स्पेयर पार्ट्स का मिलना, भरोसेमंद होना और फ़्यूल की बचत - ये सभी चीज़ें इसमें अहम भूमिका निभाती हैं. यहीं पर स्विफ़्ट को कुदरती फ़ायदा मिलता है. मारुति का सर्विस नेटवर्क देश के लगभग हर कोने में फैला हुआ है, पार्ट्स आसानी से मिल जाते हैं और इस सेगमेंट में गाड़ी रखने का खर्च भी सबसे कम रहता है. इसी वजह से सेकंड-हैंड खरीदारों का भरोसा बढ़ता है, जिससे गाड़ी की रीसेल वैल्यू बनाए रखने में मदद मिलती है.

 

वहीं, i20 गाड़ी रखने का अनुभव ज़्यादा प्रीमियम देती है, लेकिन इसकी मेंटेनेंस कॉस्ट आम तौर पर थोड़ी ज़्यादा होती है. साथ ही, ह्यून्दे का नेटवर्क भले ही बड़ा हो, लेकिन छोटे शहरों में मारुति की पहुँच के बराबर नहीं है.

 

तो, आपको कौन-सा खरीदना चाहिए?

अगर आपका मुख्य मकसद तीन साल बाद डेप्रिसिएशन (कीमत में गिरावट) को कम से कम रखना और रीसेल वैल्यू (दोबारा बेचने पर मिलने वाली कीमत) को ज़्यादा से ज़्यादा करना है, तो स्विफ्ट एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प है. पुरानी कारों के बाज़ार में स्विफ्ट का प्रदर्शन हमेशा से बहुत अच्छा रहा है और आगे भी इसके ऐसे ही बने रहने की उम्मीद है.

 

दूसरी ओर, अगर आपको आराम, फीचर्स और ज़्यादा प्रीमियम कैबिन का अनुभव पसंद है, तो i20 एक बेहतरीन विकल्प है. हो सकता है कि इसे बेचते समय आपको थोड़ी कम कीमत मिले, लेकिन कई खरीदारों के लिए इसमें मिलने वाले एक्स्ट्रा फीचर्स और बेहतर क्वालिटी इस समझौते के लायक हैं.

 

जो खरीदार अपनी चेकलिस्ट में रीसेल वैल्यू को सबसे ऊपर रखते हैं, उनके लिए मारुति सुज़ुकी स्विफ्ट अब भी बेहतर विकल्प है. ह्यून्दे i20 भी इससे बहुत पीछे नहीं है, लेकिन स्विफ्ट की ज़्यादा लोकप्रियता, कम ओनरशिप कॉस्ट और सर्विस नेटवर्क की बेजोड़ पहुंच इसे हैचबैक सेगमेंट में सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक बनाए हुए है.

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