रॉयल एनफील्ड मेक्सिको में CKD असेंबली प्लांट लगाने पर कर रही विचार

हाइलाइट्स
- रॉयल एनफील्ड के पास फ़िलहाल 7 विदेशी CKD प्लांट हैं
- मेक्सिको ने आयात शुल्क 15% से बढ़ाकर 35% कर दिया है
- रॉयल एनफील्ड घरेलू प्रोडक्शन क्षमता को भी बढ़ाने की योजना बना रही है
रॉयल एनफील्ड इस बात पर विचार कर रही है कि क्या उसे मेक्सिको में पूरी तरह से नॉक-डाउन (CKD) किट से एक नई असेंबली फ़ैसिलिटी लगानी चाहिए. यह ख़बर तब आई है जब मेक्सिको ने मोटरसाइकिलों पर इंपोर्ट टैरिफ बढ़ा दिया है; रॉयल एनफील्ड के चीफ़ एग्जीक्यूटिव ऑफ़िसर बी. गोविंदराजन ने कथित तौर पर यह बात कही है। RE के CEO की यह टिप्पणी तब आई जब उसकी पेरेंट कंपनी आयशर मोटर्स ने FY26 के लिए अपनी कमाई की घोषणा की.

"मेक्सिको टैरिफ में थोड़ा बदलाव किया गया है. हम इसका अध्ययन कर रहे हैं. क्या वहां मैन्युफैक्चरिंग यूनिट होना ज़रूरी है या नहीं? हम लगातार इसका मूल्यांकन कर रहे हैं," रिपोर्ट्स के अनुसार गोविंदराजन ने यह बात कही है.
यह भी पढ़ें: बजाज पल्सर N160 का नया वैरिएंट रु.1.22 लाख में हुआ लॉन्च
“हम मेक्सिको में 15% टैरिफ दे रहे थे. जनवरी से यह बढ़कर 35% हो गया है. हम इसकी समीक्षा कर रहे हैं. अगर ज़रूरत पड़ी, तो हमें इस पर कुछ कदम उठाने पड़ सकते हैं,” गोविंदराजन ने आगे कहा.

रॉयल एनफील्ड पहले से ही ब्राज़ील, कोलंबिया, बांग्लादेश, नेपाल और थाईलैंड सहित कई वैश्विक CKD असेंबली प्लांट चलाती है.
“रॉयल एनफील्ड के लिए दुनिया भर में हमारे लगभग सात CKD प्लांट हैं. इसलिए, हमारे पास इसकी पूरी योजना (प्लेबुक) पहले से तैयार है. जिस भी देश में हमें ग्राहकों के करीब रहने के लिए ‘कम्प्लीटली नॉक्ड डाउन’ (CKD) सुविधा स्थापित करनी होगी, हम उसी योजना का इस्तेमाल करेंगे और फिर उस बाज़ार में उतरेंगे,” उन्होंने कहा.

रॉयल एनफील्ड ने इस साल अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में लगभग 1,20,000 मोटरसाइकिलें बेचीं, और कंपनी ने बताया कि मार्च 2026 में खत्म हुए वित्त वर्ष में उसकी अंतरराष्ट्रीय बिक्री में लगभग 20% की बढ़ोतरी हुई. भारत के बाहर ब्राज़ील इस ब्रांड का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय बाज़ार बनकर उभरा है और यह इसके सबसे तेज़ी से बढ़ते विदेशी बाज़ारों में से एक रहा. घरेलू बाज़ार में, रॉयल एनफील्ड अपना निर्माण बढ़ाने की योजना बना रही है – जिसका लक्ष्य अपनी सालाना निर्माण क्षमता को 14 लाख यूनिट से बढ़ाकर लगभग 20 लाख यूनिट तक पहुँचाना है.


























































