रिव्यू: किआ कारेंस 3-रो एमपीवी

भारत में किआ की सबसे ताज़ा कार आपके पूरे परिवार के लिए है. एमपीवी सेगमेंट देश में अभी भी अपनी बुलंदी पर नहीं पहुंचा है और किआ अपने ही अंदाज में नई कारेंस के साथ कुछ ऐसा ही करने की कोशिश कर रही है. कोरियाई कंपनी को उम्मीद है बाजार में एक और कामयाब कार देने की, जिसकी बिक्री शानदार हो. दुनिया के कई देशों में ग्राहकों के लिए कारेंस नाम नया नही है, लेकिन अपनी चौथी पीढ़ी के साथ, भारत में यह नाम पहली बार सुना गया है. यह एक एसयूवी नही है, लेकिन कुछ का मुकाबला ज़रूर करेगी. कंपनी के हिसाब से कार एक नए सेगमेंट का आग़ाज़ कर रही है.
डिज़ाइन

स्टाइल निश्चित रूप से नया है यह आपको किआ की नई ऑपोसिट्स यूनाइटेड डिज़ाइन भाषा यहां साफ देखने को मिलती है. शुरुआत करते हैं पीछे से और कार का एलईडी टेल लाइट क्लस्टर आपको बताएगा कि यह एक कारेंस है. कार का पूरा स्टाइल पिछली पीढ़ियों की तुलना में थोड़ा अलग है क्योंकि वे कारें एमपीवी होने पर बहुत केंद्रित थीं. यह कार जहां दिखने में निश्चित रूप से एक क्रॉसओवर लगती है, वहीं इसमें एक एसयूवी के कई फीचर्स हैं जैसे व्हील आर्च पर क्लैडिंग, रूफ रेल्स और अच्छा ग्राउंड क्लीयरेंस.
यह भी पढ़ें: किआ कारेंस के किस वेरिएंट में मिलेंगे कौन से फीचर्स

ग्रिल एक प्रकार गायब हो गई है और एयर इनटेक नीचे चले गए हैं. यहां एक पियानो ब्लैक पैटर्न मिला है जिसे आप किआ ईवी 6 पर देख चुके हैं. कार पर डीआरएल मानक नहीं है और केवल ऊपरी वेरिएंट पर ही पेश किए जा रहे हैं. लाइट्स पर स्टार मैप पैटर्न है जो टेललाइट पर भी देखा जा सकता है. क्रोम का इस्तेमाल और उसपर पैटर्न आपको भारत में बिकने वाली अन्य किआ कारों की याद दिलाएगा. लकिन यहां काफी कुछ नया भी है जो देश में भविष्य आने वाली किआ कारों के बारे में भी बताता है.

साइज़ की बात करें तो कारेंस 4540 मिमी लंबी है, जो इसे मारुति सुज़ुकी अर्टिगा या XL6 और ह्यून्दे अल्कज़ार से भी लंबा बनाता है. कार 1800 मिमी चौड़ी है बिल्कुल सेलटॉस जैसी, लेकिन मुकाबले में खड़ी कारों से ज़्यादा चौड़ी. इसका कद 1708 मिमी है जो इसे एक अच्छा रुख देता है. यहां व्हीलबेस भी काफी अहम है, 2780 मिमी के साथ यह मुकाबले में खड़ी एल्कज़ार, XL6, मराज़ों और यहां तक की इनोवा से भी ज़्यादा है. कार का ग्राउंड क्लियरेंस भी बुरा नहीं है.
कैबिन

कैबिन के लिए नई डिजाइन भाषा, नई सामग्री और नए रंग भी दिए हैं जिनको पहली बार हम भारत में एक किआ कार में देख रहे हैं. इसका मतलब है कि फिर से, आप भविष्य में किआ कि कारों को इसी तरह दिखने की उम्मीद कर सकते हैं. सबसे महंगे लक्ज़री लक्ज़री प्लस वेरिएंट में नीले और बेज रंग हैं और निचले वेरिएंट्स पर आपको काला और बेज विकल्प मिलता है. 10.25-इंच की स्क्रीन सेल्टोस या सॉनेट जैसी ही है लेकिन उन कारों पर ज्यादा बड़ी दिखती है. कार में वर्चुअल डिजिटल क्लस्टर भी दिया गया है जो बहुत सारी जानकारी देता है. किआ कनेक्ट की पेशकश भी यहां की गई है और साथ ही आपको मैप्स और स्मार्टफोन कनेक्टिविटी भी मिलती है. इसके अलावा वायरलेस फोन चार्जिंग, 64 रंगों में एम्बिएंट लाइटिंग, अगली वेंटिलेटेड सीट्स और कूल्ड कप होल्डर्स भी कार में दिए गए हैं.
यह भी पढ़ें: किआ कारेंस MPV को पहले दिन 7,738 कारों की प्री-बुकिंग मिली

कारेंस में हर रो पर आपके पास बहुत सारे यूएसबी चार्जिंग पॉइंट हैं. समय को ध्यान में रखते हुए, कार में सिर्फ USB C पर जा रहे हैं लेकिन बहुत सारे ताकि अलग-अलग सीटों पर बैठे लोग अपने फोन एक साथ चार्ज कर सकें. दूसरी रो में छत पर ऐसी वेंट लगे हैं और बहुत साफ-सुथरे तरीके से एयर प्यूरिफायर को ड्राइवर की सीट के पीछे फिट किया गया है. यह अच्छा है, छोटा है और इसमें एक टचस्क्रीन भी है. सॉनेट की तरह यहां भी वायरस सुरक्षा फीचर है.

तीसरी रो में ज़्यादा जगह बनाने के लिए आप दूसरी रो की सीटों को सेट कर सकते हैं. यहां हेडरूम भी बुरा नहीं है और ज़्यादा आराम के लिए आप सीट को 33 डिग्री तक झुका भी सकते हैं. फीचर्स की बात करें तो आपको यहां एसी वेंट्स और सी-टाइप चार्जिंग पॉइंट भी मिलते हैं. कुल मिलाकर कारेंस इस मामले में बिल्कुल निराश नहीं करती, बल्कि चौंकाती है. तीनों रो के इस्तेमाल पर आपके पास 216 लीटर का स्पेस रह जाता है, जो ठीक-ठाक है, और तीसरी रो गिराकर, यह आंकड़ा 645 लीटर पर पहुंच जाता है. दूसरी रो भी पूरी तरह से गिर जाती है और तब आपको मिलता है पूरा 1164 लीटर स्पेस.
इंजन

कारेंस कुल तीन इंजन विकल्पों के साथ आई है. सबसे अहम है 1353 सीसी का टर्बो पेट्रोल क्योंकि यह एल्कज़ार पर नहीं देखा गया था. इसमें 138 बीएचपी की अधिकतम ताकत बनती है और पीक टॉर्क है 242 एनएम जो 1500 से 3200 आरपीएम के बीच मिलता है. गियरबॉक्स के विकल्प हैं 6-स्पीड मैनुअल या 7- स्पीड डीसीटी. रिफाइनमेंट के मामले में इंजन खराब नहीं है और काफी उत्सुक रहता है. यह बहुत शोर करता है और प्रदर्शन शानदार नही बल्कि ठीक-ठाक है. पैडस शिफ्ट का इस्तेमाल करके गियर गिराने पर यह शोर करता है और यह आवाज़ कैबिन के अंदर भी काफी हद तक आती है जो बहुत अच्छा नहीं है.
यह भी पढ़ें: इस मशहूर अभिनेता ने खरीदी किआ कार्निवाल एमपीवी, जानिये कार की खासियत

सेल्टॉस की तरह ही कार पर एक और पेट्रोल विकल्प मौजूद है. 1.5-लीटर इंजन 114 बीएचपी बनाता है, लेकिन यहां सिर्फ मानुअल गियरबॉक्स ही दिया गया है. 144 एनएम का पीक टॉर्क आपको 4500 आरपीएम पर मिलता है. अंत में है 1493 सीसी का डीज़ल इंजन जो 114 बीएचपी और 250 एनएम बनाता है 1500 और 2750 आरपीएम के बीच. यहां पर 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स विकल्प हैं. यह इंजन मिड-रेंज में काफी मज़ेदार लगता है और यह लगभग 5500 आरपीएम तक आपका बढ़िया साथ देता है. हालांकि, 3200 आरपीएम को पार करते ही यह थोड़ा शोर करता है और यह शोर भी कैबिन में आ जाता है. 6 स्पीड ऑटोमैटिक एक टॉर्क कन्वर्टर यूनिट है और इतना जोशीला नही है जितना आप चाहेंगे. इसमें रिफाइंमेंट की कुछ कमी ज़रूर लगती है.
राइड और हैंडलिंग

एक बात जहां कारेंस काबिलेतारीफ है वो है इसकी शानदार सावरी. दूसरी और तीसरी पंक्ति में काफी आराम मिलता है जो कई खरीदारों को पसंद आने वाला है. कार की हैंडलिंग भी काफी अच्छी है और स्टीयरिंग भी निराश नही करती है. यहां तीन ड्राइव मोड हैं - ईको, नॉर्मल और स्पोर्ट. थ्रॉटल रिस्पॉन्स और इंजन के बदले चरित्र के अलावा, किआ का कहना है कि स्पोर्ट मोड में स्टीयरिंग भी थोड़ी सख्त हो जाती है. खासकर जब आप कुछ तेज़ी से मुढ़ते हैं तो एक अच्छा संतोषजनक अनुभव मिलता है लेकिन उतना स्पोर्टी नहीं जितना मैं पसंद करता.
सुरक्षा

यह एक और अहम चीज़ है जहां कंपनी ने कारेंस के साथ बाज़ी मारी है. आप जानते हैं कि carandbike में यह मुद्दा हमारे दिल के कितना करीब है. कार पर 6 एयगबैग स्टैंडर्ड हैं जो बड़ी बात है. एबीएस, ईएससी, डाउनहिल ब्रेक कंट्रोल, सभी पहियों पर डिस्क ब्रेक, टायर प्रेशन मॉनिटरिंग सिस्टम और आइसेफिक्स के साथ भी यही मामला है. किआ का कहना है कि कारेस में उच्च शक्ति वाले स्टील का इस्तेमाल हुआ है, तो इसनें शानदार सुरक्षा रेटिंग पाने की हमारी उम्मीद बढ़ा दी है.
फैसला

ऐसा लग रहा है कि जगह हो, आराम हो या सुरक्षा, कारेंस हर मामले में अव्वल बनेने की कोशिश में है. कुल मिलाकर यह एक बेहतरीन पेशकश है जो प्रिमियम होने के साथ-साथ फीचर्स से भरी हुई है, आरामदेह है और बड़ी भी है. इसकी लुक्स भी आकर्षित करती हैं. हां यह ताकतवर या मज़ेदार नही है, तो प्रदर्शन में कुछ कमी ज़रूर लगती है और यह इसके खिलाफ जा सकता है.
कीमतें

मुझे लगता है कि किआ कार की कीमतें काफी लुभावनी रखने वाली है, क्योंकि कंपनी को उम्मीद है अच्छे बिक्री के आंकड़ों की. तीनों इंजन और 5 वेरिएटंस के दाम रु 16 से 20 लाख के बीच रखे जा सकते हैं. लेकिन बाकी कारों को कड़ा मुकाबले देने के लिए कंपनी इससे और भी नीचे आ सकती है. कार के लॉन्च के बाद हम कारेंस को भिड़ाएंगें ऐसी ही कुछ कारों से.
संबंधित समाचार
नई कारें
आने वाली कारें
ताज़ा ख़बरें और रिव्यू
कारएंडबाइक-टीम | Sep 18, 2026UPI चार्ज ने बढ़ाई टेंशन, पेट्रोल पंप ने किया विरोधलर्स का कहना है कि ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट्स पर लगने वाला ₹5 चार्ज उनकी कमाई को प्रभावित करेगा.1 मिनट पढ़ें
ऋषभ परमार | Sep 17, 2026साल में 10,000 km से कम गाड़ी चलाने वाले खरीदारों के लिए शहर के हिसाब से 10 बेहतरीन कारेंअगर शहर में आपकी गाड़ी का इस्तेमाल कम होता है और आप नई कार की तलाश में हैं, तो यहाँ कुछ विकल्प दिए गए हैं जिन पर आप विचार कर सकते हैं.7 मिनट पढ़े
ऋषभ परमार | Sep 17, 2026फोक्सवैगन ID.3 GTI से उठा पर्दा: 321 bhp की ताकत वाली इलेक्ट्रिक हैचबैक देगी 600 किमी तक की रेंजफोक्सवैगन ने दुनिया भर में ID.3 GTI को पेश किया है, जिसमें 321bhp की ताकत और 545Nm का पीक टॉर्क है.1 मिनट पढ़ें
ऋषभ परमार | Sep 17, 2026किआ ने कारेंज क्लैविस ईवी पर लाइफटाइम बैटरी वारंटी की घोषणा की15 साल की लाइफटाइम वारंटी सिर्फ़ 1 अगस्त 2026 के बाद बेची गई MPV के पहले मालिक पर लागू होगी.1 मिनट पढ़ें
ऋषभ परमार | Sep 17, 2026ट्रायम्फ स्पीड 400 और ट्रैकर 400 की कीमतों में रु.7,000 तक की कटौती की गईअपनी 350cc लाइनअप की कीमतें बढ़ाने के सिर्फ़ दो महीने बाद, ट्रायम्फ ने अपने दो मॉडल्स की कीमतें कम कर दी हैं.1 मिनट पढ़ें
ऋषभ परमार | Sep 16, 20262027 कावासाकी वल्कन S हुई लॉन्च, कीमत रु.8.23 लाखकावासाकी की क्रूज़र नए मॉडल ईयर के लिए एक नए कलर ऑप्शन, थोड़े ज़्यादा टॉर्क और थोड़े बेहतर ब्रेकिंग सेटअप के साथ वापस आ रही है.1 मिनट पढ़ें- ऋषभ परमार | Sep 16, 2026भारत में 2026 से नया PUC नियम: वैध प्रदूषण प्रमाण-पत्र के बिना वाहनों को ईंधन देने से इनकार किया जा सकता हैवैलिड 'पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल' (PUC) सर्टिफ़िकेट अब सिर्फ़ ट्रैफ़िक चालान से बचने के लिए कागज़ का एक टुकड़ा नहीं रह गया है. दिल्ली में ईंधन खरीदने के लिए यह एक ज़रूरी और अनिवार्य टिकट बनता जा रहा है.1 मिनट पढ़ें
ऋषभ परमार | Sep 16, 2026सीएनजी बनाम ईवी बनाम हाइब्रिड: 2026 में कौन सा विकल्प प्रति किलोमीटर सबसे कम खर्च देता है?2026 में कार की कीमत जितनी ही ज़रूरी उसकी चलाने की लागत (रनिंग कॉस्ट) भी हो गई है. हमने मुंबई में ईंधन की ताज़ा कीमतों के आधार पर हिसाब लगाया है कि सीएनजी कार, EV या स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड में से कौन-सी कार चलाना सबसे सस्ता है.1 मिनट पढ़ें
ऋषभ परमार | Sep 16, 2026यामाहा R15 V4 में क्विकशिफ्टर के साथ दो और रंग विकल्प उपलब्धक्लच-लेस अपशिफ़्ट का विकल्प, जो पहले सिर्फ़ 'इंटेंसिटी व्हाइट' रंग तक ही सीमित था, अब 'रेसिंग ब्लू' और 'मैट पर्ल व्हाइट' वैरिएंट्स में भी उपलब्ध है.1 मिनट पढ़ें
Hansaj Kukreti | Sep 8, 2026नई मारुति सुजुकी बलेनो रिव्यू: 3-सिलेंडर इंजन में कितना दम?नई बलेनो में इंजन बदला है, लेकिन क्या यह बदलाव इसे पहले से बेहतर बनाता है?6 मिनट पढ़े
Rishabh Parmar | Sep 7, 2026सिंपल वेव का रिव्यू: ज़्यादा स्पेस, तेज़ रफ़्तार और आरामदायकसिंपल वेव, फ़ैमिली EV स्कूटर सेगमेंट के नियम बदलने के लिए आ गया है. हम यह पता लगाने के लिए इसे चलाकर देख रहे हैं कि क्या यह बाज़ार में धूम मचा पाएगा या नहीं!1 मिनट पढ़ें
Hansaj Kukreti | Sep 1, 2026वॉल्वो EX90 रिव्यू: बड़ी, लग्जरी और बेहद तेजवोल्वो EX90 को राजस्थान की सड़कों पर परखा. 450 bhp, 670 Nm और 5.5 सेकंड में 0 से 100 kmph की रफ्तार के साथ क्या यह भारत की सबसे खास लग्जरी इलेक्ट्रिक एसयूवी है?1 मिनट पढ़ें
Hansaj Kukreti | Aug 19, 2026बीएमडब्ल्यू X1 लॉन्ग व्हीलबेस रिव्यू - ज्यादा जगह, ज्यादा पावर, ज्यादा फीचर्सबीएमडब्लू ने अपनी एंट्री लेवल एसयूवी एक्स1 को अब बनाया है ज्यादा आरामदायक, ज्यादा दमदार और ज्यादा फीचर से भरपूर. लॉन्ग व्हीलबेस के साथ इसमें मिली है ज्यादा जगह, ज्यादा पावर और बेहतर तकनीक.7 मिनट पढ़े
car&bike Team | Aug 1, 20262026 टोयोटा हाइलक्स ड्राइव रिव्यू : नए बदलाव कितने काम के हैं?नई टोयोटा हाइलक्स को हमने जयपुर के पास राजस्थान की ऑफ-रोड परिस्थितियों में चलाकर देखा. इसमें कई छोटे-छोटे, लेकिन बेहद काम के बदलाव किए गए हैं. ड्राइव अनुभव कैसा रहा और क्या-क्या बदला है, आइए देखते हैं.3 मिनट पढ़े







































