क्या जल्द समाप्त हो जाएंगे डीजल वाहन? नीति आयोग स्वच्छ ईंधन अपनाने पर दे रहा जोर

हाइलाइट्स
- परिवहन क्षेत्र के लिए एक नया रोडमैप प्रस्तावित किया गया है
- CAFE मानदंडों को और सख्त करने की भी वकालत की गई है
- लक्ष्य 2070 तक परिवहन उत्सर्जन को शून्य करना है
क्या यह हमारे देश में डीजल वाहनों के अंत की शुरुआत है? मंगलवार को जारी नीति आयोग की एक रिपोर्ट में स्वच्छ ईंधन और सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसी तकनीकों की ओर धीरे-धीरे बढ़ते हुए डीजल वाहनों को सड़कों से धीरे-धीरे हटाने की वकालत की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतिम लक्ष्य पूरी तरह से शून्य उत्सर्जन वाले वाहनों की ओर बढ़ना है.
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नेट ज़ीरो लक्ष्य की दिशा में कॉर्पोरेट औसत ईंधन दक्षता (CAFE) मानकों को सख्त करना भी शामिल है और रिपोर्ट के अनुसार इसका उद्देश्य 2070 तक परिवहन उत्सर्जन को नेट ज़ीरो तक पहुंचाना है. रिपोर्ट में कहा गया है कि परिवहन वाहनों की 80% ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति अभी भी जीवाश्म ईंधन से होती है, जिसे कम करने की आवश्यकता है. इसमें लचीले ईंधन वाले वाहनों को अपनाने और बायो-सीएनजी के मिश्रण को बढ़ाने की बात कही गई है.
रिपोर्ट में कहा गया है, “परिवर्तन रणनीति की शुरुआत प्रदूषण फैलाने वाले डीजल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने और सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसी कम उत्सर्जन वाली तकनीकों को अपनाने से होनी चाहिए.” इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक अपनाने से लक्ष्यों को प्राप्त करने में काफी मदद मिलेगी, जबकि जीवाश्म ईंधन के उपयोग को भी साथ-साथ कम करने की आवश्यकता होगी.




























































