carandbike logo

भारत-UK FTA 15 जुलाई से होगा लागू, कोटा सिस्टम के तहत ऑटो इम्पोर्ट ड्यूटी घटकर हुई 10%

clock-icon

1 मिनट पढ़े

हमें फॉलो करें

google-news-icon
India-UK FTA To Come Into Effect On July 15; Auto Import Duties To Fall To 10% Under Quota System
कुछ पेट्रोल-डीज़ल पैसेंजर गाड़ियों पर लगने वाला टैक्स अगले पांच सालों में धीरे-धीरे घटकर 10% हो जाएगा. जगुआर लैंड रोवर और मैकलारेन ने पहले ही कीमतों में बदलाव का संकेत दे दिया है.
author

द्वारा ऋषभ परमार

Calendar-icon

प्रकाशित जून 18, 2026

हाइलाइट्स

  • भारत-UK FTA 15 जुलाई, 2026 से लागू होगा
  • कोटा-आधारित ढांचे के तहत ऑटो टैरिफ कम होंगे
  • UK में बने कुछ पेट्रोल-डीज़ल वाहनों पर लगने वाली ड्यूटी आखिरकार घटकर 10% हो जाएगी

भारत-UK फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर जुलाई 2025 में साइन किए गए थे और अब आखिरकार इसके लागू होने की तारीख तय हो गई है. यह FTA आधिकारिक तौर पर 15 जुलाई से लागू होगा, जिससे इसे लागू करने को लेकर महीनों से बनी अनिश्चितता खत्म हो जाएगी और भारत में आने वाली ब्रिटिश-निर्मित गाड़ियों पर इंपोर्ट ड्यूटी कम करने का रास्ता साफ हो जाएगा.

India UK FTA

यह घटनाक्रम ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के लिए खास तौर पर अहम है, क्योंकि इससे UK में बनी कारों पर टैरिफ में धीरे-धीरे कटौती की समय-सीमा की पुष्टि होती है. जगुआर लैंड रोवर और मैकलारेन समेत कई लग्जरी कार बनाने वाली कंपनियों ने इस समझौते की उम्मीद में भारत में अपनी योजनाओं में बदलाव की घोषणा पहले ही कर दी है.

 

यह भी पढ़ें: नई मिनी कंट्रीमेन C भारत में हुई लॉन्च, कीमत रु.47.50 लाख

 

इसे लागू करने की तारीख का ऐलान करते हुए, UK सरकार ने कहा कि डील के असर में आने से पहले कारोबारियों के पास तैयारी के लिए 28 दिन का समय है. UK के बिज़नेस और ट्रेड सेक्रेटरी पीटर काइल ने इस समझौते को ऐसा बताया जिससे बिज़नेस और ग्राहकों को तुरंत फ़ायदा मिलना शुरू हो जाएगा.

 

काइल ने कहा, "हम भारत के साथ अपनी अहम ट्रेड डील को जल्द से जल्द लागू कर रहे हैं, क्योंकि हम चाहते हैं कि कारोबारियों और आम लोगों को इसका फ़ायदा तुरंत मिले."

 

कार बनाने वाली कंपनियों के लिए सबसे बड़ा बदलाव टैरिफ स्ट्रक्चर में है. समझौते के तहत, UK में बनी योग्य पेट्रोल-डीज़ल गाड़ियों पर इंपोर्ट ड्यूटी को अगले पांच सालों में कोटा-आधारित सिस्टम के ज़रिए कम किया जाएगा.

Range Rover Sport SV Editon Two 1000x600

पहले चरण में बड़ी पेट्रोल और डीज़ल गाड़ियों पर लगने वाली ड्यूटी में काफ़ी कमी आएगी. 3.0 लीटर से ज़्यादा इंजन वाली पेट्रोल कारों और 2.5 लीटर से ज़्यादा इंजन वाली डीज़ल गाड़ियों पर पहले साल 30% ड्यूटी लगेगी, जो अभी 110% है; यह सालाना 10,000 यूनिट के कोटा के तहत होगा. यह दर समय के साथ कम होती जाएगी और पाँचवें साल तक 10% पर आ जाएगी.

 

छोटे इंजन वाली पैसेंजर गाड़ियों को भी फ़ायदा होगा, हालांकि यह फ़ायदा धीरे-धीरे मिलेगा. इस समझौते में तय कोटा के तहत कम ड्यूटी का प्रावधान है, जिससे ब्रिटिश मैन्युफैक्चरर्स के लिए ऐसे बाज़ार में ज़्यादा कॉम्पिटिटिव बनने का रास्ता खुलेगा जहाँ इंपोर्ट टैक्स ऐतिहासिक रूप से दुनिया में सबसे ज़्यादा रहे हैं.

 

कम टैरिफ की संभावना का असर कीमतों पर दिखने लगा है. जगुआर लैंड रोवर पहली ऐसी कंपनी बन गई है जिसने उम्मीद के मुताबिक मिलने वाले कुछ फायदों का लाभ ग्राहकों तक पहुँचाया है; कंपनी ने इस साल की शुरुआत में UK में बनी रेंज रोवर SV और रेंज रोवर स्पोर्ट SV की कीमतों में रु.75 लाख तक की कटौती की है.

Mc Laren India UK FTA Prices

मैकलारेन ऑटोमोटिव भारत में अपनी कारों की कीमतें बदलने की तैयारी कर रही है. यह ब्रिटिश सुपरकार बनाने वाली कंपनी भारत में अपने कुछ मॉडल्स की कीमतों में बड़ी कटौती करने जा रही है, जिससे कुछ मॉडल्स की कीमत रु.3.32 करोड़ तक कम हो सकती है.

 

बेंटले, रोल्स-रॉयस और एस्टन मार्टिन जैसी दूसरी ब्रिटिश लग्ज़री कंपनियों को भी इस समझौते से फ़ायदा होने की उम्मीद है, हालाँकि अभी तक किसी ने भी कीमतों में बदलाव की घोषणा नहीं की है.

 

हालांकि FTA सस्ते इंपोर्ट का रास्ता खोलता है, लेकिन शुरू में इसका फ़ायदा सिर्फ़ पारंपरिक इंजन (इंटरनल-कंबशन) वाली गाड़ियों को ही मिलेगा. समझौते के शुरुआती 6 सालों तक बैटरी-इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड पैसेंजर गाड़ियां इस छूट के दायरे से बाहर रहेंगी. वैकल्पिक ईंधन वाली गाड़ियों पर ड्यूटी में कटौती बाद में शुरू होगी और इसके लिए अलग शर्तें और कोटा लागू होंगे.

Stay updated with automotive news and reviews right at your fingertips through carandbike.com's WhatsApp Channel.

अपकमिंग मॉडल