रिव्यू: 2021 मारुति सुज़ुकी सेलेरियो

मारुति सुज़ुकी की तरफ से एक बिल्कुल नई जनरेशन की कार आने में 2 साल से ज़्यादा लगे हैं. नई सेलेरियो से उम्मीदें बहुत ज़्यादा हैं क्योंकि पिछली पीढ़ी की कार ने तकरीबन 6 लाख बिक्री का आंकड़ा छुआ था. हैचबैक सेगमेंट में इसकी 20 % की हिस्सेदारी रही है और यही इसकी लोकप्रियता को दिखाता है. कार को रु 4.99 लाख से लेकर रु 6.94 लाख के बीच बाज़ार में उतारा गया है. इसकी सवारी करने हम पहुंचे उदयपुर.
डिज़ाइन

यहां अच्छी दिखनी वाली हेडलैम्प्स और ग्रिल पर सिंगल क्रोम लाइन दी गई है.
नया सेलेरियो पुराने मॉडल की तुलना में लंबी और चौड़ी है लेकिन इस कद कुछ कम हो गया है. इसकी लंबाई है 3695 मिमी, चौड़ाई है 1655 मिमी और कद है 1555 मिमी. व्हीलबेस भी पहले से कुछ बढ़ गया है यानि 2435 मिमी. कार अब हार्टेक्ट प्लेटफॉर्म पर बनी है और इसे ज़्यादा युवा दिखने के लिए डिज़ाइन किया गया है. डिज़ाइन एक 3D प्रभाव लाता है और यहां अच्छी दिखनी वाली हेडलैम्प्स और ग्रिल पर सिंगल क्रोम लाइन दी गई है. आप कार पर एक मुस्कुराता हुआ चेहरा देख सकते हैं. हां यहां कोई डीआरएल नहीं है, सबसे ऊंचे वेरिएंट पर भी नहीं. लेकिन क्रोम का यहां बढ़िया इस्तेमाल हुआ है.
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सबसे उंचे मॉडल पर आपको काले 15 इंच के अलॉय व्हील मिल जाएंगे.
सबसे उंचे मॉडल पर आपको काले 15 इंच के अलॉय व्हील मिल जाएंगे जबकि दरवाज़े पर कीलेस एंट्री के लिए एक बटन दिया गया है. शीशे इलेक्ट्रिक हैं और इनमें इंडिकेटर भी लगे हैं. पीछे ड्रॉप्लैट टेल लाइट को मिला आकर्षक लुक मिला है जो कार के आकार से मेल खाती हैं. यह ना तो ज़्यादा बड़ी लगती हैं ना छोटी. पीछे बात करने के लिए इससे भी ज़रूरी एक और चीज़ है बूट स्पेस. यहां आपको पहले से 40 फीसदी ज़्यादा बूटस्पेस मिला है जो मुकाबले में खड़ी सभी कारों से बेहतर है. अब यहां 313 लीटर जगह उपलब्ध है जो काफी अच्छी है. तुलना करें तो स्विफ्ट को 268 लीटर स्पेस मिलता है जबकि टियागो 242 लीटर और सैंट्रो 235 लीटर पर ही रुक जाती हैं.
कैबिन और तकनीक

यहां नई 7-इंच की टचस्क्रीन दी गई है जिसे कंपनी स्मार्टप्ले स्टूडियो बोलती है.
कार में डैशबोर्ड का डिज़ाइन बिल्कुल नया है और यकीनन पहले से ज़्यादा आधुनिक लगता है. यहां सबसे बड़ा आकर्षण है नई 7-इंच की टचस्क्रीन जिसे कंपनी स्मार्टप्ले स्टूडियो बोलती है. इसे हम पहले भी मारुति की कई कारों में देख चुके हैं और यहां आपको एप्पल कारप्ले और एंड्रॉएड ऑटो दोनो मिल जाते हैं. जहां स्टियरिंग और इंस्ट्रुमेंट कंसोल वैगन आर से लिए गए हैं वहीं सीटों के बीच में लगे पावर विंडो के बटन हम पहले एस-प्रेसो में देख चुके हैं.
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पिछली सीट 60:40 के अनुपात में मुढ़ जाती है जो ज़्यादा सामान रखने के लिए काफी काम की चीज़ है.
पिछली सीट पर कार पहले से लंबी होने की वजह से बेहतर लेगरुम मिल जाता है हांलाकि यहां फीचर्स की कुछ कमी है. लेकिन आपको अच्छा शोल्डर रूम मिलता है क्योंकि कार पहले से ज्यादा चौड़ी है और साथ ही यहां अच्छा हेडरूम भी है. हां एडजस्टेबल हेडरेस्ट होते तो बेहतर होता. यह दोनो ही रो पर नही हैं और इनकी कमी मुझे ज़रूर खली. पिछली सीट 60:40 के अनुपात में मुढ़ जाती है जो ज़्यादा सामान रखने के लिए काफी काम की चीज़ है.
इंजन

मारुति सुज़ुकी ने कार को मैनुअल और ऐएमटी दोनो मॉडलों में पेश किया है.
सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि कार चलती कैसी है और हां कितना देती है. मारुति सुज़ुकी ने कार को मैनुअल और ऐएमटी दोनो मॉडलों में पेश किया है. नई पीढ़ी का 998 सीसी के-सीरीज़ इंजन 5500 आरपीएम पर 66 बीएचपी और 3500 आरपीएम पर 89 एनएम बनाता है. इसको 5-स्पीड गियरबॉक्स से जोड़ा गया है. मुझे कार के मैनुअल वेरिएंट की सवारी करने का मौका मिला. क्लच हल्का है और गियर बदलना काफी आसन है. शहरों में चलते हुए आपको कई बार गियर बदलने की ज़रूरत पड़ती है तो इससे आपको कोई परेशानी नहीं होगी. पिक-अप भी अच्छा है और उदयपुर के पहाड़ी रास्तों की खड़ी चड़ाई पर भी कार आराम से चल पाई. हां ऐएमटी पर आपको थोड़ा सब्र दिखाना होगा क्योंकि यहां गियर इतनी तेज़ी से नहीं बदलेंगे.
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हर वेरिएंट पर आपको 25 किमी प्रति लीटर के आसपास मिल जाएगा.
ऐएमटी की एक और खासियत है माइलेज. कंपनी की मानें तो नई सेलेरियो देश की सबसे ज़्यादा माइलेज देने वाली पेट्रोल कार बन गई है. वैसे तो हर वेरिएंट पर आपको 25 किमी प्रति लीटर के आसपास मिल जाएगा लेकिन ख़ासतौर पर ऐएमटी VXi में यह आंकड़ा 26.68 किमी प्रति लीटर है जो वाकई शानदार है. नई इंजन में डुएल वॉल्व टाइमिंग, दो इंजेक्टर और कूल्ड एग्ज़हॉस्ट गैस रीसरक्युलेशन सिस्टम लगा है. हां यह शब्द समझने में कुछ मुश्किल लग सकते हैं लेकिन इन्हीं वजह से ही कार को शानदार माइलेज मिल पाया है.
राइड और हैंडलिंग

यहां आपको सेगमेंट में सबसे अच्छी सवारी मिलती है.
सेलेरियो टूटी सड़कों से बहुत अच्छी तरह से निपटती है. गहरे गड्ढों से गुज़रते समय भी केबिन में झटके कम ही महसूस होते हैं. आप चाहे आगे बैठें हों या पीछे कार अपनी सवारी से आपको बिल्कुल भी निराश नहीं करेगी. कहना गलत नही होगा कि यहां आपको सेगमेंट में सबसे अच्छी सवारी मिलती है. स्टियरिंग में अच्छा वज़न है और ट्रैफिक भरी सड़कों पर इसको इस्तेमाल करना आसान है. कार का मुढ़ने का रेडिअस भी कम है और शहरी भीड़-भाड़ में यह आराम से चल जाएगी. ऐजीएस के हर वेरिएंट पर हिल होल्ड असिस्ट मिला है जो पहाड़ी रास्तों पर काफी काम की चीज़ है. इससे कार चढ़ाई पर रुकने पर भी पीछे की तरफ नहीं जाती.
सुरक्षा

यहां आपको दो एयरबैग, ईबीडी के साथ एबीएस, सीटबेल्ट प्रीटेंशनर जैसे मानक सुरक्षा फीचर मिल जाएंगे.
फिल्हाल नई सेलेरियो का कोई क्रैश टैस्ट नही हुआ है लेकिन मारुति सुजुकी का कहना है कि कार भारत सरकार द्वारा अनिवार्य सभी सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करती है. यहां आपको दो एयरबैग, ईबीडी के साथ एबीएस, सीटबेल्ट प्रीटेंशनर जैसे मानक सुरक्षा फीचर मिल जाएंगे. कंपनी कुल मिलाकर 12 सुरक्षा फीचर्स पर ज़ोर दे रही है. इसकी कोई सीमा नहीं कि आप किसी कार में सुरक्षा को लेकर कितना कर सकते हैं लेकिन हमें उम्मीद है कि मारुति इस पहलू पर और ज़ोर देगी.
कीमतें

कीमतें निराश नहीं करती हैं तो यह एक पैसा वसूल पेशकश बन गई है.
सेलेरियो की कीमतें मैनुअल के लिए रु 4.99 लाख से लेकर रु 6.44 लाख (एक्स-शोरुम) के बीच हैं. यह मुकाबले में खड़ी टाटा टियागो और ह्यून्दे सैंट्रो के आस-पास ही हैं. सिर्फ डैट्सन गो ही है जो करीब रु 1 लाख सस्ती है. ऐएमटी की बात करें तो दाम रु 6.13 लाख और रु 6.94 लाख के बीच हैं. यहां तो मुकाबला और भी कड़ा हो जाता है, क्योंकि सेलेरियो के सबसे महंगे ZXi प्लस वेरिएंट और टियागो XZA प्लस वेरिएंट की कीमतों में केवल रु 1,000 का ही फर्क है.
फैसला

सेममेंट को देखते हुए यह तकरीबन हर मामले में पहले से बेहतर कार है.
नई सेलेरियो आपको स्पेस, माइलेज और आरामदेह सवारी से लुभाती है. इसकी कीमतें भी निराश नहीं करती हैं तो यह एक पैसा वसूल पेशकश बन गई है. सेममेंट को देखते हुए यह तकरीबन हर मामले में पहले से बेहतर कार है. हां सुरक्षा और फीचर्स में अभी भी सुधार की गुंजाइश है लेकिन मारुति का नाम और शानदार सर्विस नेटवर्क ग्राहकों को ज़रूर शोरुम की तरफ ज़रूर खींचेगा. कहना गलत नहीं होगा कि मुकाबला अब पहले से कड़ा हो गया है.
(Except for the headline, this story has not been edited by NDTV staff and is published from a press release)
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