रेनॉ ब्रिज्जर एसयूवी को 1.2-लीटर टर्बो-पेट्रोल, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक इंजन विकल्पों के साथ किया जाएगा पेश

हाइलाइट्स
- रेनॉ ब्रिज्जर 2027 के अंत तक सड़कों पर आ जाएगी
- इसे ब्रांड के RGMP प्लेटफॉर्म पर बनाया जाएगा
- रेनॉ का लक्ष्य भारत को अपने शीर्ष 3 बाजारों में से एक बनाना है
फ्रांसीसी कार निर्माता रेनॉ ने निकट भविष्य में अपनी भारतीय रणनीति के संबंध में कई घोषणाएं की हैं. कंपनी का लक्ष्य 2030 तक देश में 5% बाजार हिस्सेदारी हासिल करना है और इसके लिए वह कई प्लेटफॉर्म, सेगमेंट और इंजन विकल्पों के साथ कई नए मॉडल लॉन्च करने जा रही है. इनमें से प्रमुख मॉडल ब्रिजर सबकॉम्पैक्ट एसयूवी है, जो अगले साल के अंत तक बाजार में उतरेगी. कंपनी ने पुष्टि की है कि यह टर्बो-पेट्रोल, हाइब्रिड और फुल इलेक्ट्रिक सहित कई इंजन विकल्पों के साथ उपलब्ध होगी.
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रेनॉ ने कहा है कि ब्रिजर की शुरुआत एक नए 1.2-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ होगी, जो अब तक ब्रांड की किसी भी कार में नहीं देखा गया है. इसके बाद एसयूवी का एक ऑल-इलेक्ट्रिक वर्जन भी आएगा; दरअसल, ब्रिजर भारत में फ्रेंच ब्रांड की पहली इलेक्ट्रिक कार होगी. रेनॉ ग्रुप मॉड्यूलर प्लेटफॉर्म (आरजीएमपी) पर निर्मित ब्रिजर में एक मजबूत हाइब्रिड पावरट्रेन भी होगा. रेनॉ ग्रुप इंडिया के सीईओ स्टीफन डेब्लेज़ ने मीडिया से बातचीत के दौरान इसकी पुष्टि की. डेब्लेज़ ने कहा, "पहली इलेक्ट्रिक कार, ब्रिजर होगी, जो 2027 के अंत में ब्रिजर के लॉन्च के कुछ महीनों बाद आएगी."

रेनॉ ग्रुप के सीईओ फ्रांकोइस प्रोवोस्ट ने गुरुवार को चेन्नई में ब्रांड के फ्यूचरएडी कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, “यूरोप के बाहर हमारा लक्ष्य अपने आधे से अधिक बिक्री इलेक्ट्रिक मॉडलों से हासिल करना है, जिनमें प्योर इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड मॉडल शामिल होंगे.” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि हमारी हाइब्रिड कार की जरूरत दुनिया भर में है, जिसमें भारत भी शामिल है, क्योंकि 100 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए 4 लीटर से भी कम पेट्रोल की आवश्यकता होगी.” प्रोवोस्ट ने यह भी कहा कि अगले 5 वर्षों में रेनॉ का लक्ष्य भारत को वैश्विक स्तर पर अपने शीर्ष 3 बाजारों में से एक बनाना है.


















































