टाटा टियागो iCNG का रिव्यू

सीएनजी और बिजली से चलने वाले वाहन उन खरीदारों को आकर्षित करते हैं जो स्वच्छ और कम लागत वाली कारों की तलाश में हैं, लेकिन ये पेट्रोल से चलने वाली कारों से महंगी भी होती हैं. यह भी दिलचस्प है कि इलेक्ट्रिक कारों को ज़्यादा प्रीमियम वाहन के रूप में देखा जाता है, जबकि सीएनजी कारों को इसके विपरीत माना जाता है. यहां तक कि सीएनजी पंपों पर ज्यादातर सार्वजनिक परिवहन वाहनों के पीछे लाइन लगाना निश्चित रूप से इन कारों के आकर्षण को प्रभावित करता है.

कार चार ट्रिम्स - XE, XM, XT, XZ+ (ST), और XZ+ (DT) में आई है
लेकिन टाटा मोटर्स इस सोच को बदलना चाह रही है, और इसलिए भारतीय बाजार में अपनी कुछ कारों के सीएनजी मॉडल लाई है. बढ़िया बात यह है कि इनको फीचर्स से भरे हुए टॉप-एंड वेरिएंट्स में भी पेश किया गया है. हम नई टाटा टियागो iCNG के साथ कुछ समय बिता रहे हैं, जी हां कंपनी इसको इसी नाम से बुलाती है. कार चार ट्रिम्स - XE, XM, XT, XZ+ (ST), और XZ+ (DT) में आई है, यह एक ऐसी चीज़ है जो आज तक सीएनजी कारों में नही देखी गई है.
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डिज़ाइन

कार को एक नया और शानदार 'मिडनाइट प्लम' शेड मिला है.
कार 2020 में लॉन्च की गई टियागो फेसलिफ़्ट पर आधारित है और इसलिए इसके लुक्स में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है. हालाँकि, यहाँ आपको टेलगेट पर यह 'i-CNG' बैज ज़रूर दिख जाएगा. आज हमारे पास सबसे महंगा XZ+ वैरिएंट है, जिसे एक शानदार 'मिडनाइट प्लम' शेड मिला है. इस वेरिएंट पर आपको ग्रिल, दरवाज़े के हैंडल और बूट लिड पर क्रोम फिनिश मिलती है. अन्य फीचर्स में एलईडी डीआरएल के साथ प्रोजेक्टर हेडलैम्प और 14 इंच के स्टील के पहिये शामिल हैं.
कैबिन

कार के कैबिन में काले और बेज रंग के डैशबोर्ड और अपहोल्स्ट्री के अलावा, बहुत कुछ नहीं बदला है.
कार के कैबिन में काले और बेज रंग के डैशबोर्ड और अपहोल्स्ट्री के अलावा, बहुत कुछ नहीं बदला है. स्क्रीन के बाएं हिस्से पर सीएनजी आइकन को देने के लिए डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर को थोड़ा बदल दिया गया है. यहां जानकारी काफी सफाई से पढ़ी जा सकती है. इसके अलावा आपको टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम के साथ एंड्रॉएड ऑटो और एप्प्ल कारप्ले, 8-स्पीकर हरमन ऑडियो सिस्टम, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल और फोल्डेबल विंग मिरर मिलते हैं.
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पेट्रोल मॉडल के 242-लीटर की तुलना में यहाँ केवल 80-लीटर ही जगह है, क्योंकि इसमें सीएनजी टैंक लगा है.
कार के सस्ते वेरिएंट्स पर भी कई फीचर्स दिए गए हैं. इसमें मैनुअल ऐसी कंट्रोल, ब्लैक और ग्रे इंटीरियर, चारों पावर विंडो, डिस्प्ले के साथ रियर पार्किंग सेंसर, मैनुअल सेंट्रल लॉक, पियानो ब्लैक शीशे और कूल्ड ग्लोवबॉक्स शामिल हैं. बूट स्पेस की बात करें तो, पेट्रोल मॉडल के 242-लीटर की तुलना में यहाँ केवल 80-लीटर ही जगह है, क्योंकि इसमें सीएनजी टैंक लगा है. हमें लगता है, अगर टाटा एक सीएनजी खरीदार के लिए इस कार के साथ प्रीमियम होने का दावा कर रही है, तो उसे टैंक कहीं और देकर बेहतर बूट स्पेस की पेशकश करनी चाहिए थी.
इंजन

टाटा टियागो सीएनजी 1,199 सीसी पेट्रोल इंजन पर चलती है जो 73 बीएचपी और 95 एनएम बनाता है.
टाटा टियागो सीएनजी 1,199 सीसी पेट्रोल इंजन पर चलती है जो 73 बीएचपी और 95 एनएम बनाता है जो कार के पेट्रोल मॉडल से कुछ कम है. यहां केवल एक 5-स्पी़ड मैनुअल गियरबॉक्स ही दिया गया है और पेट्रोल मॉडल की तरह कोई एएमटी विकल्प नही है. जो मजा आपको पेट्रोल टियागो चलाने में आता है कुछ वैसा ही एहसास यहां भी मिलता है. कार पेट्रोल मॉडल से भारी है लेकिन 1050 किलो वजन के बावजूद इंजन थका हुआ नही लगता. कम रफ्तार पर ऊंचे गियर में भी ये परेशान नहीं करता. शहरी ट्रैफिक मे निचले आरपीएम पर भी काफी ताकत मिलती है लेकिन मिज-रेंज मे कुछ कमी जरूर महसूस होती है. हां ऊंचे आरपीएम पर आते-आते इंजन में दोबारा जान आ जाती है.
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कुल मिलाकर कार अपने चलने के तरीके से निराश नहीं करती है और अच्छा भरोसा देती है.
सस्पेंशन ज्यादा आरामदेह सवारी देने के लिए सेट किया गया है. सवारी का एहसास पेट्रोल टियागो जैसा ही है और कार खराब सड़कों का आसनी से सामना करती है. ऊंची रफ्तार पर भी ऐसा ही मामला रहता है. वहीं स्टियरिंग में फीडबैक की कुछ कमी है और तेज़ी से मुड़ते वक्त आपको अंडरस्टियर का एहसास होगा. कुल मिलाकर कार अपने चलने के तरीके से निराश नहीं करती है और अच्छा भरोसा देती है. कंपनी की मानों तो यह एक किलो गैस में 26.49 किमी चल लेती है. इसमें 35 लीटर पेट्रोल और 60 लीटर सीएनजी पानी क्षमता है.
सुरक्षा

सीएनजी में किसी तरह के लीक होने पर कर पेट्रोल पर चलने लगती है.
सुरक्षा के लिहाज से, Tiago iCNG में डुअल-फ्रंट एयरबैग, ABS के साथ EBD, कॉर्नर स्टेबिलिटी कंट्रोल, स्पीड अलर्ट, सीटबेल्ट रिमाइंडर और स्पीड-डिपेंडेंट डोर लॉक, फॉलो-मी-होम लाइट, पार्किंग सेंसर के साथ रियरव्यू कैमरा, वॉश फीचर के साथ रियर वाइपर और रियर डिफॉगर स्टैंडर्ड तौर पर आते हैं. साथ ही टाटा ने एक और फीचर दिया है जहां जब तक ईंधन का ढक्कन बंद नहीं किया जाता है, तब तक इंजन स्टार्ट नहीं होगा. हमने इसे आजमाया, और यह सटीक तरीके से काम करता है.

जब तक ईंधन का ढक्कन बंद नहीं किया जाता है, तब तक इंजन स्टार्ट नहीं होगा.
सीएनजी में किसी तरह के लीक होने पर कर पेट्रोल पर चलने लगती है. इसे सीधा सीएनजी मोड में भी शुरू किया जा सकता है, जो कि मुकाबले में खड़ी किसी और कार में मुमकिन नही. टाटा अभी भी ग्लोबल एनकैप रेटिंग की प्रतीक्षा कर रही है, लेकिन याद रखें कि कार के पेट्रोल मॉडल को 4-स्टार रेटिंग मिली है और कंपनी इसे बरकरार रखने की उम्मीद करेगी.
कीमतें

टियागो सीएनजी की कीमतें लुभावनी हैं, लेकिन यह प्रारंभिक हैं और भविष्य में बढ सकती हैं.
टियागो iCNG की कीमत XE ट्रिम के लिए रु 6.10 लाख से शुरु होकर XZ+ ट्रिम के लिए रु 7.53 लाख तक जाती है. शुरुआती कीमत सैंट्रो सीएनजी के समान है, लेकिन यह वैगन आर सीएनजी से रु 3,000 कम है. सबसे महंगे मॉडल की बात करें तो, यह सेलेरियो सीएनजी की तुलना में रु 1 लाख महंगा है. हालांकि, यह इस सेगमेंट में एकमात्र ऐसी कार है जिसमें चार ट्रिम्स दिए गए हैं. इसलिए, पेट्रोल वेरिएंट के बजाय CNG वेरिएंट का चुनाव करते समय खरीदारों को फीचर्स से समझौता नहीं करना पड़ेगा, जो कि एक अच्छी बात है. कुल मिलाकर, टियागो सीएनजी की कीमतें लुभावनी हैं, लेकिन यह प्रारंभिक हैं और भविष्य में बढ सकती हैं.

सीएनजी आइकन को देने के लिए डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर को थोड़ा बदल दिया गया है.
सीएनजी सेगमेंट में आने वाले महीनों में मुकाबला कड़ा होने जा रहा है, मुख्य रूप से दो कारणों से - पहला कि बाजार में नए डीजल वाहन काफी कम हो गए हैं, और दूसरा की जल्द ही प्रीमियम फीचर्स इन मॉडलों के साथ भी मिलेंगे जो ग्राहकों के लुभाएगा. अपने सीएनजी मॉडलों के साथ, टाटा इस सेगमेंट में 10 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी खोज रहा है. हम उन दावों पैनी पर नजर रखेंगे.
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