सुप्रीम कोर्ट ने नई कारों और दो-पहिया वाहनों के लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की अवधि बढ़ाने का आदेश दिया

नई रजिस्टर्ड कारों के लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की अवधि बढ़ाकर चार साल कर दी गई है, जबकि नए दो-पहिया वाहनों के लिए अब छह साल के कवरेज की ज़रूरत होगी.
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द्वारा ऋषभ परमार

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प्रकाशित अगस्त 5, 2026

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Story

हाइलाइट्स

  • नई कारों के लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की अवधि चार साल और नई दोपहिया गाड़ियों के लिए छह साल कर दी गई है
  • 'नो इंश्योरेंस, नो फ्यूल' पॉलिसी लागू की जाएगी
  • फ्यूल स्टेशनों के बाहर ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे लगाए जाएंगे

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने नई कारों और दो-पहिया वाहनों के लिए अनिवार्य थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की अवधि बढ़ाने का आदेश दिया है. यह फ़ैसला तब लिया गया जब कोर्ट ने देखा कि भारतीय सड़कों पर कई वाहन बिना वैध इंश्योरेंस के चल रहे हैं. नए निर्देश के तहत, नई रजिस्टर्ड कारों के लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस अब चार साल के लिए मान्य होगा, जबकि नए दो-पहिया वाहनों के लिए छह साल का कवरेज ज़रूरी होगा.

 

यह भी पढ़ें: भारत ने अक्टूबर 2028 से सभी नई गाड़ियों में 'व्हीकल-टू-व्हीकल' टेक्नोलॉजी को अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा

 

जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच ने कहा, "हालांकि इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (IRDAI) और जनरल इंश्योरेंस काउंसिल (GIC) ने इस अवधि को न बढ़ाने की सिफारिश की है, लेकिन हमारा मानना ​​है कि सड़क सुरक्षा के हित में इस अवधि को एक साल बढ़ाना चाहिए. इसलिए, यह निर्देश दिया जाता है कि अब से नई कारों के लिए चार साल और नए दो-पहिया वाहनों के लिए छह साल का थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस खरीदना ज़रूरी होगा. IRDAI तुरंत ज़रूरी निर्देश जारी करेगा."

 

नो इंश्योरेंस, नो फ्यूल

Petrol pump

इंश्योरेंस की अवधि बढ़ाने के अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने गाड़ियों की नंबर प्लेट पर नज़र रखने के लिए फ्यूल स्टेशनों के बाहर ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे लगाने का निर्देश दिया है.

 

यह सिस्टम बिना वैलिड इंश्योरेंस वाले वाहनों की पहचान करेगा और VAHAN पोर्टल के साथ इंटीग्रेशन के ज़रिए अपने-आप ई-चालान जारी कर दिए जाएंगे. इसके साथ ही, कोर्ट ने निर्देश दिया है कि बिना वैलिड इंश्योरेंस वाले वाहनों को फ्यूल न दिया जाए.

 

अदालत ने कहा, "इसका मकसद गाड़ियों के इंश्योरेंस की रियल-टाइम स्थिति पर नज़र रखना और नियमों के उल्लंघन पर चालान काटना है, ताकि ज़मीनी स्तर पर अनिवार्य इंश्योरेंस के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके."

 

इन उपायों के ज़रिए सुप्रीम कोर्ट का मकसद भारत में सड़क सुरक्षा के मानकों को मज़बूत करना है. सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने में गाड़ी का बीमा अहम भूमिका निभाता है, क्योंकि यह न सिर्फ़ गाड़ी के मालिकों, बल्कि सड़क का इस्तेमाल करने वाले दूसरे लोगों की भी सुरक्षा करता है.

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