2020 ह्यून्दे टूसॉन फेसलिफ्ट का रिव्यू

ह्यून्दे टूसॉन कोरियाई कार कंपनी का भारत में एक महत्वपूर्ण मॉडल है और यहां बात बिक्री की नहीं लेकिन मुकाम की है. भारत में अपने सफर के एक बड़े हिस्से में टूसॉन ह्यून्दे के एसयूवी पोर्टफोलियो की सबसे महंगी कार बनी हई है और इसलिए इसे आधुनिक और आकर्षक बनाए रखना ज़रूरी है. तीसरी पीढ़ी की ह्यून्दे टूसॉन का फेसलिफ्ट उस समय हमारे पास आया है जब पूरी तरह से नई चौथी पीढ़ी के मॉडल को दुनिया में पहली बार दिखा दिया गया है. अच्छी बात यह है कि इस फेसलिफ्ट में भी पहले से कई बदलाव हैं. हमने चलाकर देखा कि कार कैसी है.
यह भी पढ़ें: नई जनरेशन ह्यून्दे टूसॉन एसयूवी पर से पर्दा हटाया गया
लुक्स

ग्रिल पर एक नई डिज़ाइन देखने को मिली है, जबकि नई एलईडी हेडलाइट्स भी हैं
नई ह्यून्दे टूसॉन आधुनिक लग रही है और ग्रिल पर एक नई डिज़ाइन देखने को मिली है. नई एलईडी हेडलाइट्स बहुत पैनी दिखती हैं, जबकि ह्यून्दे फॉग लैंप और डीआरएल को ज़्यादा दिलचस्प बना सकती थी. 18-इंच के अलॉय व्हील का पैटर्न आपको पसंद आएगा और पीछे की तरफ पतली टेललाइट्स सुंदर दिखती हैं. हालांकि ज़्यादातर बदलाव चेहरे पर ही हैं और साइड और पीछे से कार पहले जैसी ही है.
यह भी पढ़ें: 2020 ह्यून्दे टूसॉन फेसलिफ्ट भारत में हुई लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹ 22.30 लाख
ज़्यादातर बदलाव चेहरे पर ही हैं और साइड और पीछे से कार पहले जैसी ही है.कैबिन

डैशबोर्ड और सेंट्रल कंसोल को फिर से तैयार किया गया है जिसकी प्रेरणा ह्यून्दे कोना से ली गई है.
फेसलिफ्ट में एक काला कैबिन है, जो पहले के दो टोन वाले काले और बेज रंग के इंटीरियर से उलट है. जबकि डोर-पैड और रूफलाइन बड़े पैमाने पर पहले जैसे ही है, डैशबोर्ड और सेंट्रल कंसोल को फिर से तैयार किया गया है जिसकी प्रेरणा ह्यून्दे कोना से ली गई है. टूसॉन को अब 8.0 इंच का इंफोटेनमेंट सिस्टम मिला है जो एप्प्ल कारप्ले, एंड्राइड ऑटो और नेविगेशन के साथ आया है. ब्लुलिंक की वजह से यह अब एक कनेक्टिड कार भी है. हालाँकि, हमें लगता है कि ह्यून्दे को क्रेटा की स्टीयरिंग व्हील यहां लगानी चाहिए थी जो देखने में और पकड़ने में काफी अच्छी है. साथ ही अच्छा होता अगर बेहतर स्पर्श देने वाले बटन दिए जाते, ख़ासतौर पर दरवाज़ों पर. लेकिन कुल मिलाकर यह एक उत्तम दर्जे का कैबिन है, कोमल और प्रिमियम.

नई टूसॉन में लग्ज़री फीचर्स की भरमार है.
कार में एक बड़ा सनरूफ, 10-तरीके से सेट होने वाली इलेक्ट्रिक ड्राइवर सीट, 8-तरीके से सेट होने वाली इलेक्ट्रिक अलगी पैसेंजर सीट, ख़ुद से मुढ़ने और सेट होने वाले बाहरी शीशे, एलईडी हेडलाइट्स और टेल लाइट्स, एलईडी डीआरएल, ख़ुद डिम होने वाला कैबिन का शीशा, दो-ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल, वायरलेस फोन चार्जिंग और ड्राइवर की मदद के लिए पार्क असिस्ट और 360 डिग्री कैमरा व्यू जैसे फीचर्स भी हैं. इसमें आठ स्पीकर वाला इंफिनिटी साउंड सिस्टम है जिसकी आवाज़ अच्छी है. लेकिन हमें लगा कि नई क्रेटा और वेन्यू के बोस और आरकमीज़ युनिट अब भी इससे बेहतर हैं.
इंजन

कार पेट्रोल और डीज़ल दोनो इंजन विकल्पों में आई है.
ह्यून्दे टूसॉन हमेशा ड्राइव करने के लिए एक आरामदायक और परेशानी मुक्त कार रही है और इसमें कुछ नही बदला है. 2.0-लीटर, चार-सिलेंडर बीएस 6 डीज़ल इंजन जो हम चला रहे हैं, अपना काम काफी शंति से करता है. इलेक्ट्रॉनिक वेरिएबल जियोमेटरी टर्बोचार्जर या eVGT 4,000 आरपीएम पर 182 बीएचपी के साथ 400 एनएम पीक टॉर्क बनाता है जो 1,750 आरपीएम से 2,750 आरपीएम तक रहता है. यह विशेष रूप से रोमांचक तो नहीं है, लेकिन ड्राइव को आरामदेह ज़रूर बनाता है. ऑटोमैटिक गियरबॉक्स 8-स्पीड का टॉर्क कन्वर्टर है और गियर सफाई से बदलते हैं, गियर के अनुपात भी लंबे हैं लेकिन गियर बदलते वक़्त एक झिझक महसूस होती है. अगर यहां पैडल शिफ्ट होते तो ज़्यादा मज़ा आता. कार में एक 2.0-लीटर पेट्रोल इंजन भी मिलता है जो 6200 आरपीएम पर 150 बीएचपी और 4000 आरपीएम पर 192 एनएम पीक टॉर्क निकालता है. इसे मानक रूप से छह-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिया गया है.
नया ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम

पिछले पहियों को 20 प्रतिशत ताकत मिलती है लेकिन ज़रूरत पड़ने पर उनको 50 % तक ताकत दी जा सकती है.
ह्यून्दे टूसॉन फेसलिफ्ट को जेनेसिस से लिए हुआ ट्रैक्शन और कॉर्नरिंग कंट्रोल सिस्टम (HTRAC) सिस्टम के साथ ऑल-व्हील ड्राइव ट्रांसफर केस मिलता है जो सही मायनों में एक ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम है. यह ज़रूरत के हिसाब से अगले और पिछले पहियों के बीच ताकत बांटता है. तो आम सड़कों पर यह सारी ताकत अगले पहियों को देता है और यह आपको ईंधन बचाने में मदद करता है. ऑव-व्हील ड्राइव की सेटिंग के हिसाब से पिछले पहियों को 20 प्रतिशत ताकत मिलती है लेकिन ज़रूरत पड़ने पर उनको 50 % तक ताकत दी जा सकती है. कार आपको कुछ कच्ची सड़कों पर, पहड़ों पर और हल्की ऑफ-रोडिंग करने में मदद करेगी, लेकिन यह अभी भी मूल रुप से एक क्रॉसओवर ही है.
राइड और हैंडलिंग

स्टीयरिंग आपको काफी अच्छी लगेगी, यह चलाने के मज़े को बढ़ाती है.
टूसॉन चलाने में पहले जैसी ही है. सस्पेंशन बहुत ज़्यादा शोर नहीं करता है, और जब आप तेज़ गति पर मुढ़ते हैं तो यह काफी स्थिर रहता है. लेकिन यह आसानी चलाए जाना ही पसंद करता है. तेज़ मोड़ कार कुछ डगमगती भी है. स्टीयरिंग आपको काफी अच्छी लगेगी, यह चलाने के मज़े को बढ़ाती है. नए मॉडलों के स्टियरिंग फीडबैक की तुलना में यह अभी भी काफी बेहतर है. ह्यून्दे टूसॉन इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, डाउनहिल ब्रेक कंट्रोल, हिल स्टार्ट असिस्ट, ब्रेक असिस्ट, ऑटो होल्ड, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक, ऐबीएस के साथ ईबीडी, छह एयरबैग और आईएसओफ़िक्स सीट माउंट जैसे सुरक्षा और ड्राइवर-सहायता फीचर्स से भरी हुई है.
फैसला

एसयूवी की कीमतें रु 22.30 लाख (एक्स-शोरूम) से शुरू होती हैं और रु 27.03 लाख तक जाती हैं.
तो ह्यून्दे टूसॉन फेसलिफ्ट शहर के इस्तेमाल के लिए एक प्रीमियम और आरामदायक सवारी बनी हुई है और आपकी लंबी ड्राइव के लिए भी काफी कारगर है. एसयूवी की कीमतें टू-व्हील ड्राइव वेरिएंट के लिए रु 22.30 लाख (एक्स-शोरूम) से शुरू होती हैं और ऑल-व्हील ड्राइव ट्रिम के लिए रु 27.03 लाख तक जाती हैं. टूसॉन का सीधा सामना जीप कम्पस से है जहां टू-व्हील ड्राइव वेरिएंट रु 6 लाख और सबसे महंगा मॉडल रु 3 लाख सस्ता है. फिर स्कोडा कारोक और वोक्सवैगन टी-रॉक हैं जो सिर्फ पेट्रोल ऑटोमैटिक वेरिएंट के साथ आती हैं. ह्यून्दे टूसॉन पेट्रोल जिसे केवल फ्रंट-व्हील-ड्राइव के साथ पेश किया जाता है, दोनों मॉडलों के बीच पड़ती है. यह कारोक से रु 1.47 लाख सस्ती है जबकि टी-रॉक से रु 2.31 लाख महंगी है.

नई टूसॉन अपने क्रॉसओवर रुख और एहसास को ही बनाए रखती है.
टूसॉन कंपनी की सबसे महंगी कार है, फिर भी बाज़ार के इस छोर पर ग्राहकों को इस कीमत पर एक बड़ी, दमदार और हरफनमौला कार की उम्मीद रहती है. हरफनमौला का मतलब है कि कुछ ऐसा जो बढ़िया दिखता है और कुछ हद तक ऑफ-रोडिंग भी कर सकता है, क्योंकि टूसॉन अपने क्रॉसओवर रुख और एहसास को बनाए रखती है.
ताज़ा ख़बरें और रिव्यू
ऋषभ परमार | Sep 17, 2026साल में 10,000 km से कम गाड़ी चलाने वाले खरीदारों के लिए शहर के हिसाब से 10 बेहतरीन कारेंअगर शहर में आपकी गाड़ी का इस्तेमाल कम होता है और आप नई कार की तलाश में हैं, तो यहाँ कुछ विकल्प दिए गए हैं जिन पर आप विचार कर सकते हैं.7 मिनट पढ़े
ऋषभ परमार | Sep 17, 2026फोक्सवैगन ID.3 GTI से उठा पर्दा: 321 bhp की ताकत वाली इलेक्ट्रिक हैचबैक देगी 600 किमी तक की रेंजफोक्सवैगन ने दुनिया भर में ID.3 GTI को पेश किया है, जिसमें 321bhp की ताकत और 545Nm का पीक टॉर्क है.1 मिनट पढ़ें
ऋषभ परमार | Sep 17, 2026किआ ने कारेंज क्लैविस ईवी पर लाइफटाइम बैटरी वारंटी की घोषणा की15 साल की लाइफटाइम वारंटी सिर्फ़ 1 अगस्त 2026 के बाद बेची गई MPV के पहले मालिक पर लागू होगी.1 मिनट पढ़ें
ऋषभ परमार | Sep 17, 2026ट्रायम्फ स्पीड 400 और ट्रैकर 400 की कीमतों में रु.7,000 तक की कटौती की गईअपनी 350cc लाइनअप की कीमतें बढ़ाने के सिर्फ़ दो महीने बाद, ट्रायम्फ ने अपने दो मॉडल्स की कीमतें कम कर दी हैं.1 मिनट पढ़ें
ऋषभ परमार | Sep 16, 20262027 कावासाकी वल्कन S हुई लॉन्च, कीमत रु.8.23 लाखकावासाकी की क्रूज़र नए मॉडल ईयर के लिए एक नए कलर ऑप्शन, थोड़े ज़्यादा टॉर्क और थोड़े बेहतर ब्रेकिंग सेटअप के साथ वापस आ रही है.1 मिनट पढ़ें- ऋषभ परमार | Sep 16, 2026भारत में 2026 से नया PUC नियम: वैध प्रदूषण प्रमाण-पत्र के बिना वाहनों को ईंधन देने से इनकार किया जा सकता हैवैलिड 'पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल' (PUC) सर्टिफ़िकेट अब सिर्फ़ ट्रैफ़िक चालान से बचने के लिए कागज़ का एक टुकड़ा नहीं रह गया है. दिल्ली में ईंधन खरीदने के लिए यह एक ज़रूरी और अनिवार्य टिकट बनता जा रहा है.1 मिनट पढ़ें
ऋषभ परमार | Sep 16, 2026सीएनजी बनाम ईवी बनाम हाइब्रिड: 2026 में कौन सा विकल्प प्रति किलोमीटर सबसे कम खर्च देता है?2026 में कार की कीमत जितनी ही ज़रूरी उसकी चलाने की लागत (रनिंग कॉस्ट) भी हो गई है. हमने मुंबई में ईंधन की ताज़ा कीमतों के आधार पर हिसाब लगाया है कि सीएनजी कार, EV या स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड में से कौन-सी कार चलाना सबसे सस्ता है.1 मिनट पढ़ें
ऋषभ परमार | Sep 16, 2026यामाहा R15 V4 में क्विकशिफ्टर के साथ दो और रंग विकल्प उपलब्धक्लच-लेस अपशिफ़्ट का विकल्प, जो पहले सिर्फ़ 'इंटेंसिटी व्हाइट' रंग तक ही सीमित था, अब 'रेसिंग ब्लू' और 'मैट पर्ल व्हाइट' वैरिएंट्स में भी उपलब्ध है.1 मिनट पढ़ें
ऋषभ परमार | Sep 16, 2026भारत में लॉन्च से पहले नई ह्यून्दे Bayon के डिज़ाइन की झलक स्केच के रुप में आई सामनेह्यून्दे Bayon के पहले स्केच से SUV के फ्रंट लुक और डिज़ाइन की दूसरी खूबियों का पता चलता है.1 मिनट पढ़ें
Hansaj Kukreti | Sep 8, 2026नई मारुति सुजुकी बलेनो रिव्यू: 3-सिलेंडर इंजन में कितना दम?नई बलेनो में इंजन बदला है, लेकिन क्या यह बदलाव इसे पहले से बेहतर बनाता है?6 मिनट पढ़े
Rishabh Parmar | Sep 7, 2026सिंपल वेव का रिव्यू: ज़्यादा स्पेस, तेज़ रफ़्तार और आरामदायकसिंपल वेव, फ़ैमिली EV स्कूटर सेगमेंट के नियम बदलने के लिए आ गया है. हम यह पता लगाने के लिए इसे चलाकर देख रहे हैं कि क्या यह बाज़ार में धूम मचा पाएगा या नहीं!1 मिनट पढ़ें
Hansaj Kukreti | Sep 1, 2026वॉल्वो EX90 रिव्यू: बड़ी, लग्जरी और बेहद तेजवोल्वो EX90 को राजस्थान की सड़कों पर परखा. 450 bhp, 670 Nm और 5.5 सेकंड में 0 से 100 kmph की रफ्तार के साथ क्या यह भारत की सबसे खास लग्जरी इलेक्ट्रिक एसयूवी है?1 मिनट पढ़ें
Hansaj Kukreti | Aug 19, 2026बीएमडब्ल्यू X1 लॉन्ग व्हीलबेस रिव्यू - ज्यादा जगह, ज्यादा पावर, ज्यादा फीचर्सबीएमडब्लू ने अपनी एंट्री लेवल एसयूवी एक्स1 को अब बनाया है ज्यादा आरामदायक, ज्यादा दमदार और ज्यादा फीचर से भरपूर. लॉन्ग व्हीलबेस के साथ इसमें मिली है ज्यादा जगह, ज्यादा पावर और बेहतर तकनीक.7 मिनट पढ़े
car&bike Team | Aug 1, 20262026 टोयोटा हाइलक्स ड्राइव रिव्यू : नए बदलाव कितने काम के हैं?नई टोयोटा हाइलक्स को हमने जयपुर के पास राजस्थान की ऑफ-रोड परिस्थितियों में चलाकर देखा. इसमें कई छोटे-छोटे, लेकिन बेहद काम के बदलाव किए गए हैं. ड्राइव अनुभव कैसा रहा और क्या-क्या बदला है, आइए देखते हैं.3 मिनट पढ़े







































