2024 मर्सिडीज-बेंज ई-क्लास E200 LWB का रिव्यू, एस-क्लास का मज़ा वो भी कम दामों पर

- 200, 220डी और 450 4मैटिक ट्रिम्स में उपलब्ध है
- यह लगभग पिछली पीढ़ी की एस-क्लास जितनी बड़ी है
- वजन और आयाम में वृद्धि के बावजूद, 2.0-लीटर पेट्रोल पर्याप्त दमदार लगता है
यह बेबी एस-क्लास नहीं है जैसा कि कुछ लोग इसे कह सकते हैं, यह एस-क्लास है. अब अपनी छठी पीढ़ी में मर्सिडीज-बेंज ई-क्लास आखिरकार लॉन्ग व्हीलबेस एडिशन में भारत में आ गई है. मजेदार तथ्य यह है कि छठी पीढ़ी के ई-क्लास का कोडनेम W214 है, लेकिन इस लॉन्ग व्हीलबेस वैरिएंट का कोडनेम V124 है, और चीन के बाद भारत इसे बनाने वाला दूसरा बाजार है.
अधिक मज़ेदार बात यह है कि इस छठी पीढ़ी के ई-क्लास के बाद से, ई की कोई कन्वर्टिबल और कूपे बॉडी शैली नहीं होगी क्योंकि उस बैनर को एक नए नाम - CLE द्वारा बदल दिया गया है, जो सबसे महंगे वैरिएंट में भारत में बिक्री पर है. लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, ई का एक स्टेशन वैगन और थोड़ा ऊबड़-खाबड़ दिखने वाला ऑल-टेरेन स्टेशन वैगन बॉडी स्टाइल है, जो संभवतः भारत में नहीं आएगा. लेकिन तथ्यों को छोड़ दें तो, हमने शुरुआत में इसे एस-क्लास क्यों कहा? खैर, इसके कुछ ठोस कारण हैं. चलिये आपको बताते हैं.
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2024 मर्सिडीज-बेंज ई-क्लास: बाहरी डिजाइन
बाहरी डिजाइन की बात करें तो न केवल एस-क्लास ने नए ई के डिजाइन को प्रेरित किया है, बल्कि इसने इलेक्ट्रिक ईक्यू लाइन-अप से भी प्रेरणा ली है. उदाहरण के लिए, ग्रिल और हेडलैम्प्स बहुत समान हैं और यदि यह नीचे एक छोटे से कट को छोड़ दें, तो पूरा आकार और शैली बिल्कुल EQE सेडान में दिखाई देती है. यहां तक कि दरवाज़े के हैंडल भी अब उसी तरह से बाहर निकलते हैं जैसे वे इलेक्ट्रिक मॉडल में हैं.
लॉन्ग व्हीलबेस सेडान के अनुपात को ख़राब नहीं करता है. इसके अलावा, 18 इंच के अलॉय व्हील, व्हील आर्च के साथ अच्छी तरह मेल खाते हैं और सेडान के पूरे आकार के लिए बहुत छोटे नहीं लगते हैं. साथ ही, पीछे की तरफ इसका डिज़ाइन भी एस-क्लास से लिया गया है. टेल लैंप का आकार भी इसी तरह का है जिसके ऊपर क्रोम पट्टी लगी हुई है.
बंपर, विंडो लाइन और साइड स्कर्ट पर अधिक क्रोम ट्रीटमेंट देखने को मिलता है. एस-क्लास जैसे टेल लैंप में अंदर मर्सिडीज की थ्री पॉइंटेड स्टार की छवि दिखाई देती है जो कुछ लोगों को पसंद आ सकती है, लेकिन कभी-कभी थोड़ी सस्ती लगती है. चुनने के लिए पांच रंग विकल्प हैं, लेकिन स्पोर्टियर वैरिएंट को पेश किए जाने से पहले अभी भी केवल एक ही अलॉय व्हील डिज़ाइन है.
2024 मर्सिडीज-बेंज ई-क्लास: कैबिन
जहां एस-क्लास में अभी सेंटर कंसोल पर एक बड़ी स्क्रीन लगी है, और सामने वाले यात्री के लिए कोई स्क्रीन नहीं है, इसकी तुलना में ई-क्लास अधिक एडवांस है. आपको यहां 14.4-इंच सेंटर डिस्प्ले और अलग 12.3-इंच पैसेंजर डिस्प्ले के साथ एक सुपरस्क्रीन मिलती है. यदि आप नहीं जानते हैं, तो EQ लाइन-अप एक हाइपरस्क्रीन के साथ आता है, जहां 3 स्क्रीन वाला एक बड़ा डैशबोर्ड पैनल है. यहां ई-क्लास को सुपरस्क्रीन मिलती है, जिसमें एकमात्र अंतर ड्राइवर के डिस्प्ले के रूप में आता है जो पैनल का हिस्सा नहीं है बल्कि स्टीयरिंग व्हील के पीछे एक अलग यूनिट है.
यह सुपरस्क्रीन MBUX सिस्टम की नई तीसरी पीढ़ी के साथ आती है. हमें MBUX इंटरफ़ेस का सरल, रिफाइन और आसानी से कंट्रोल होने वाला लेआउट पसंद आया है, और यह अब तक का सबसे एडवांस वर्जन है. जिसमें आप अपनी जरूरत की सभी आधुनिक कनेक्टिविटी आवश्यकताओं के लिए ऐप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसमें कार-टू-एक्स ट्रैफिक चेतावनी सिस्टम के साथ एक 3डी नेविगेशन मैप भी इनबिल्ट है जो पहले सी क्लास और एस-क्लास में देखा गया था.
इसमें एक AI-सहायक फीचर्स भी है जहां आप कुछ कार्यों को कस्टमाइज़ कर सकते हैं जो आपके लिए सुविधाजनक हैं और कार हर बार आपके लिए यह काम करेगी. यह आपकी जरूरतों के मुताबिक रूटिंग वातावरण बनाने के लिए सीट कंट्रोल, वेंटिलेशन, एंबियंट लाइटिंग, साउंड सिस्टम और सनरूफ जैसे कई कार्यों को सरल करती है. उदाहरण के लिए, यदि बाहर का तापमान बहुत अधिक गिर जाता है, तो यह सीट हीटिंग को चालू कर सकती है और एंबियंट लाइटिंग को गर्म नारंगी में बदल सकती है. हालांकि, यह एक ऐसा फ़ंक्शन है जिसे अभी भी एस-क्लास में पेश किया जाना बाकी है.
कार के डैशबोर्ड के ऊपर एक कैमरा लगा हुआ है, लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह सिर्फ सेल्फी क्लिक करने के लिए नहीं है. इसका उपयोग आप कार के खड़े होने पर बिजनेस वीडियो कॉल में हिस्सा लेने के लिए भी कर सकते हैं. हालाँकि, इसका उपयोग वीडियो कॉल के लिए तभी किया जा सकता है जब कार खड़ी हो, जिससे इसका उद्देश्य विफल हो जाता है क्योंकि मालिक (जो बिजनेस कॉल में शामिल होना चाहते हैं) ज्यादातर समय दूसरी रो में बैठे रहेंगे और वे कैमरा का इस्तेमाल चलते समय करना चाहेंगे.
यह एक मर्सिडीज-बेंज का कैबिन है, इसलिए निश्चित रूप से इसके अंदर दिये गए सभी मैटेरियल प्रीमियम है, फिट और फिनिश शानदार है. वहीं दूसरी रो में जहां इसके खरीदार अधिकांश समय बिताएंगे उसमें भी लेगरूम बढ़िया है, जिसके लिए लॉन्ग व्हीलबेस का शक्रिया. इसमें बैठकर लगभग एस-क्लास में बैठने जैसा महसूस होता है. कुछ बढ़िया फीचर्स (जैसे रियर स्क्रीन एंटरटेनमेंट, कार के कार्यों को कंट्रोल करने के लिए टैबलेट, सीट मसाजर और वेंटिलेशन) के अलावा, ढेर सारी लग्ज़री फीचर्स उपलब्ध है.
इसके अलावा, सीटें 36 डिग्री तक झुकती हैं और आगे की यात्री सीट को इलेक्ट्रॉनिक रूप से आगे ले जा सकते हैं. बड़ी विंडो (इलेक्ट्रिक ब्लाइंड्स के साथ) और पैनोरमिक सनरूफ के साथ, कैबिन वेंटिलेटेड लगता है, खासकर चलते समय. यह रॉयल्टी की भावना देता है जो रु.1 करोड़ की कीमत के इस पहलू में मिलना अभी भी दुर्लभ है.
अंत में लगभग 540 लीटर के बूट में अभी भी नीचे एक स्पेससेवर बना हुआ है. हालाँकि, यह बहुत बड़ा बूट नहीं है, लेकिन इसकी लंबाई अच्छी खासी है. इसलिए बूट में काफी अंदर तक धकेल दिये गए सामान को वापस निकालना कठिन हो सकता है, और सामान को लंबी तरह से फिट करना बिल्कुल मना है. इसमें यह भी शामिल है कि यह एक निश्चित बूट है और आप अपने सामान के लिए यहां अधिक जगह खाली करने के लिए पीछे की सीटों को मोड़ नहीं सकते हैं.
2024 मर्सिडीज-बेंज ई-क्लास: परफॉर्मेंस
लॉन्च के समय, छठी पीढ़ी की ई-क्लास भारत में तीन पावरट्रेन विकल्पों के साथ उपलब्ध है, जिसमें दो पेट्रोल और एक डीजल शामिल है. हां, ई के साथ अभी भी डीजल ऑफर पर है. लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि कुछ ही हफ्तों में आपको सबसे महंगा, 450 4मैटिक पेट्रोल इंजन भी मिलेगा जो एस-क्लास में भी पेश किया गया था. हम यहां E200 चला रहे हैं जो अपने 2.0-लीटर चार-सिलेंडर से 200bhp से कम की ताकत और 320Nm का टॉर्क बनाता है. इसमें अब मानक के रूप में 48वोल्ट माइल्ड-हाइब्रिड सहायता और मर्सिडीज का अब-मानक 9-स्पीड ऑटोमैटिक मिलता है.
इसकी तुलना में छोटे पेट्रोल इंजन और बड़ी, भारी कार के साथ मैंने सोचा कि E200 चलाने के लिए प्रेरणाहीन होगी. लेकिन यहां ऐसा मामला नहीं है क्योंकि जरूरत पड़ने पर आप इसमें काफी तेज गति भी आप प्राप्त कर सकते हैं, और यह कभी भी कमजोर महसूस नहीं करवाती है. जब आप एक्सिलरेशन पैडल को ज़ोर से दबाते हैं तो मामूली अंतराल को छोड़कर यह रिफाइन महसूस होती है हालांकि, आगे बढ़ने में कुछ समय लगता है. लेकिन इसमें शहर के चारों ओर बिना किसी परवाह के घूमने के लिए पर्याप्त मात्रा में टॉर्क मौजूद है. जब आपको राजमार्ग पर बड़ी दूरी तय करने की आवश्यकता हो तो आप आरपीएम को कम और स्पीड को बढ़ाकर 100 के पार ले जा सकते हैं.
यदि आप पेट्रोल सेडान के प्रशंसक नहीं हैं और इसके बजाय डीजल चाहते हैं, तो यह इस सेगमेंट में एकमात्र विकल्प है. E220d में 2.0-लीटर चार-सिलेंडर टर्बो-डीज़ल का उपयोग किया गया है जो 200bhp से कम ताकत, लेकिन 400Nm के साथ थोड़ा बेहतर टॉर्क बनाता है. अफसोस की बात है यह है कि अभी तक कोई दमदार E350d ऑफर पर नहीं है, लेकिन हम उम्मीद कर सकते हैं कि इसे कुछ समय बाद पेश किया जाएगा. अंत में 450 वैरिएंट है, जो लगभग 375bhp की ताकत और 500Nm के टॉर्क के साथ ड्राइव करने के लिए शानदार होगा.
2024 मर्सिडीज-बेंज ई-क्लास: निर्णय
एसयूवी की बढ़ती मांग के साथ, सेडान ने पिछले कुछ समय से लोकप्रियता हासिल कर ली है. इसके बावजूद मर्सिडीज बेंज का कहना है कि भारतीय बाजार में ई-क्लास की भारी मांग है. इस नई पीढ़ी के साथ, यह ई पहले से कहीं अधिक परिपक्व दिखने के साथ-साथ अधिक एडवांस भी है. यह एक बीच का रास्ता भी है जहां गाड़ी चलाना (छोटी सी-क्लास की तरह) और बैठने का एहसास (बड़ी एस की तरह) मिलता है. यह व्यावहारिक है और इसे डीजल इंजन के साथ भी पेश किया जाता है.
दूसरी तरफ, सीट वेंटिलेशन और मसाज जैसी कुछ फील-गुड फीचर्स गायब हैं, एक हेड-अप डिस्प्ले होता और अच्छा होता, और पीछे की सीट पर किसी प्रकार की एंटरटेनमेंट स्क्रीन का उपयोग किया जा सकता था. इसके अलावा, एस-क्लास जैसे आकार और आयाम के साथ, भीड़-भाड़ और पतली गलियों में घूमना भी मुश्किल भरा हो सकता है. इस 200 के लिए रु.78 लाख , 220 डीजल के लिए रु.82 लाख और 450 4मैटिक के लिए रु.92 लाख से कुछ अधिक की कीमत के साथ, यह ई-क्लास एस-क्लास नहीं है, जिसे मैं स्वीकार करता हूं, लेकिन यह निश्चित रूप से एक एस है, जो कम कीमत पर भरपूर लग्ज़री का एहसास देती है.
हिन्दी अनुवाद- ऋषभ परमार
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